जागरण संवाददाता, लखनऊ। यूनेस्को द्वारा लखनऊ के खानपान को दिए क्रिएटिव सिटी आफ गैस्ट्रोनोमी की मान्यता मिलने के बाद यहां के फूड सेक्टर के पास अवसर है दुनिया में छा जाने का। इस सम्मान को अवसर में बदलने के लिए इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा लखनऊ में 16 से 18 जनवरी के बीच इंडिया फूड एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है।
तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में फूड सेक्टर से जुड़े मेन्युफैक्चरिंग, तकनीक, बाजार और फाइनेंस से जुड़े विशेषज्ञ उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर कारोबार के विस्तार और ब्राडिंग के लिए सहयोग करेंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि फूड एक्सपो से करीब पांच सौ करोड़ का निवेश आ सकता है।
गोमती रिवर फ्रंट के पास रिगेलिया ग्रींस में होने जा रहे आयोजन का उदघाटन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद करेंगे और इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण होंगे। बुधवार को आइआइए भवन में वाइस प्रेसीडेंट चेतन भल्ला ने बताया कि एक्सपो का उददेश्य है कि फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू चेन में निवेश, तकनीक, कौशल विकास और एंटरप्रेन्योरशिप और रोजगार पैदा करना है।
आइआइआइए लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष विकास खन्ना ने बताया कि उन युवाओं के लिए फूड एक्सपो एक बेहतर मंच साबित होगा जो इस सेक्टर में अपना करियर तो बनाना चाहते हैं लेकिन कहां से शुरूआत करें इसकी जानकारी नहीं है। इस एक्सपो में इन बातों पर विस्तार से चर्चा होगी जिसके लिए विशेष सत्र रखे गए हैं।
इन सत्रों में लोग अपनी सक्सेस स्टोरी के साथ आएंगे और बताएंगे कि कैसे उनका सफर सफलता के पायदान तक पहुंचा। आइआइए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश सिंघल भी वर्चुअल जुडे़ और लगातार 10वें इंडिया फ़ूड एक्सपो को लेकर अपनी टीम को बधाई दी।
दिनेश ने कहा कि एक्सपो से उत्तर प्रदेश में तत्काल करीब पांंच सौ करोड़ का निवेश आ सकता है। इसके अलावा भविष्य में पांच हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद की जा सकती है। यूपी की फूड इंडस्ट्री में बहुत दम है और इस तरह के एक्सपो से उद्यमियों को कारोबार के विस्तार में मदद मिलेगी। आइआइए महिला विंग की अध्यक्ष आनंदी अग्रवाल ने बताया कि एक्सपो में कई बैंक भी शामिल होंगी जो उद्यमियों को फाइनेंस के बारे में जानकारी देंगी। |
|