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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Minister Shivraj Singh Chouhan) ने बुधवार को कहा कि इस वर्ष देश में रिकार्ड 11.79 करोड़ गेहूं उत्पादन होने की संभावना है और यह पिछले वर्ष के उत्पादन आंकड़े को पार कर सकता है। इसमें अधिक बोआई और अनुकूल फसल परिस्थितियों का प्रमुख योगदान रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) के एक कार्यक्रम से इतर बातचीत में चौहान ने बताया कि वर्तमान में, गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में है। कोई नुकसान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि सामान्यत: उत्पादन पिछले वर्ष से बेहतर होगा। आइसीएआर के महानिदेशक एमएल जाट ने बताया कि गेहूं की बोआई का क्षेत्रफल 3.2 करोड़ हेक्टेयर को पार कर चुका है और फसल की स्थिति मजबूत बनी हुई है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो हम 12 करोड़ टन उत्पादन तक पहुंच जाएंगे।
क्या कहता है कृषि मंत्रालय का डाटा
आइसीएआर के महानिदेशक ने कहा, “अभी फसल की हालत बहुत अच्छी है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो हम 120 मिलियन टन तक पहुंच जाएंगे,“ उन्होंने इस अच्छे अनुमान का श्रेय समय पर और जल्दी बुवाई को दिया। कृषि मंत्रालय के डेटा के अनुसार, 2025-26 के रबी सीज़न में 2 जनवरी तक 33.41 मिलियन हेक्टेयर के रिकॉर्ड एरिया में गेहूं बोया गया है, जबकि पिछले साल इसी समय यह 32.80 मिलियन हेक्टेयर था।
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डेटा से पता चला है कि बोए गए कुल रकबे के 73 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्से में मौसम के बदलावों का सामना करने वाली और बायो-फोर्टिफाइड बीज की किस्में लगाई गई हैं। गेहूं मुख्य रबी या सर्दियों की फसल है। बुवाई पूरी हो चुकी है और मार्च में कटाई शुरू होगी। बता दें कि भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है।
(सेंट्रल डेस्क के इनपुट के साथ) |
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