डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों ने ढाका में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों में खौफ पैदा कर दिया है। ढाका के आसपास मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि उनकी पढ़ाई और सुरक्षा दोनों खतरे में है। हालात तो इतने खौफनाक हैं कि कई छात्र हॉस्टल से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं।
आंकड़ों की माने तो बांग्लादेश में करीब 19,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें 9,000 से ज्यादा मेडिकल छात्र हैं। उनका कहना कि भारत में सरकारी कॉलेज में सीट नहीं मिलने और प्राइवेट कॉलेज में ज्यादा फीस के कारण उन्होंने बांग्लादेश में पढ़ाई करने की विकल्प चुना है।
बांग्लादेश में दहशत जी रहे भारतीय छात्र
ढाका में पढ़ने वाले एक भारतीय छात्र ने \“अल जजीरा\“ को बताया कि अप्रैल 2024 में ढाका के ईस्ट वेस्ट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया था, लेकिन जुलाई 2024 में शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद से हालात बिल्कुल बदल गए हैं। कॉलेज प्रशासन ने भारतीय छात्रों को कैंपस के अंदर ही रहने की सलाह दी है। अब हॉस्टल से बाहर निकलने में भी डर लगता है।
हिंदुओं की हत्याओं ने बढ़ाई चिंता
बीते 23 दिनों में 8 हिंदुओं की हत्या ने भारतीय छात्रों की चिंता और डर को बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि पहले ढाका घर जैसा लगता था लेकिन अब जेल जैसा हो गया है।
ढाका नेशनल मेडिकल कॉलेज के इंटर्न ने कहा कि हम हर दिन डर के साये में जी रहे हैं। अब हम बाजार या भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाते हैं। अस्पताल में भी बात करते समय हमें सतर्क रहना पड़ता है।
राजनीतिक हिंसा में बढ़ाई छात्रों की चिंता
बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव प्रस्तावित हैं, जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, देश में राजनीतिक हिंसा और भारत विरोधी बयानबाजी तेज हो गई है। दिसंबर में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से हालात और खराब हो गए हैं।
मदारीपुर में हिंदू शिक्षक पर हथौड़े से हमला
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले जारी हैं। मदारीपुर में एक हिंदू शिक्षक पर स्कूल में घुसते समय दो नकाबपोश युवकों ने हथौड़े से हमला कर दिया, जिसमें शिक्षक बुरी तरह घायल हो गए। अगल-अलग जगहों पर मंदिरों में मूर्तियां तोड़ने की घटनाओं ने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया है।
यह भी पढ़ें- बांग्लादेश में एक और हिंदू व्यक्ति की हत्या, ऑटो रिक्शा ड्राइवर को पीट-पीटकर मार डाला; खून में सना शव बरामद |