बेतवा नदी में जाता शहर का गंदा पानी
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। नदियों को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सरकार लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। इसी क्रम में यमुना व बेतवा नदियों में हमीरपुर शहर के गिरने वाले नालों के गंदे पानी का उपचार करने की तैयारी है।
जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देश पर नगर पालिका ने नालों के पानी को बायो-रिमेडिएशन व फाइटो-रिमेडिएशन करते हुए उसका ट्रीटमेंट करेगी। इसके लिए 25 लाख से प्लांट लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। जल्द काम शुरू करने की तैयारी है।
हमीरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 25 वार्ड आते हैं। जहां हजार 2011 की जनगणना के अनुसार की आबादी करीब 65 हजार है। शहर दो नदियों के बीच बसा है, नालों का गंदा पानी सीधे यमुना व बेतवा नदी प्रवाहित हो रहा है। इससे दोनों नदियों का जल लगातार दूषित हो रहा है।
नगर पालिका ने कई माह पहले बायो-रिमेडिएशन व फाइटो-रिमेडिएशन करने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा था। शासन से प्लांट लगाने की स्वीकृति मिल गई है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगने के बाद शोधन प्रक्रिया से गुजरते हुए नदियों में पानी प्रवाहित किया जाएगा।
यमुना नदी में पातालेश्वर मंदिर के पास व बेतवा नदी में बड़े देव बाबा के पास वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन प्लांटों के माध्यम से शहर का गंदा पानी शोधन प्रक्रिया से गुजरेगा, इसके बाद ही पानी नदियों में प्रवाहित होगा।
प्लांट के संचालन से नदियों में जाने वाले दूषित पानी पर रोक लगेगी और यमुना व बेतवा नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार होगा। प्लांट स्थापना का कार्य शुरू कराया गया है।
नदियों को स्वच्छ व सुंदर रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। हमीरपुर शहर दो नदियों के बीच स्थापित है, यमुना नदी में शहर का गंदा पानी प्रवाह हो रहा है। नगर पालिका को यमुना व बेतवा नदी के प्रमुख नालों के पास वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित कराए जा रहे हैं। अब नदियों में दूषित पानी प्रवाह नहीं होगा।
कुलदीप निषाद, चेयरमैन नगर पालिका परिषद हमीरपुर |
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