मेरठ में पूर्व सैनिक दिवस पर पाइन वार मेमोरियल पर बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इंसेट में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा का फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, मेरठ। \“Veterans : Building Strong Tomorrow\“ की भावना के साथ मेरठ कैंट स्थित पाइन डिवीजन के पाइन वार मेमोरियल पर 10वां सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश सब एरिया की ओर से आयोजित कार्यक्रम में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में पाइन डिवीजन के जनरल आफिसर कमांडिंग मेजर जनरल प्रणय डंगवाल और पश्चिम उत्तर प्रदेश सब एरिया के जनरल आफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सुमित राणा ने पाइन वार मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर बलिदानियों को नमन किया। इस दौरान वर्तमान एवं पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सलामी दी और राष्ट्र की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम में ब्रिगेडियर रणबीर सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल जेएस वर्मा, मेजर जनरल एसएस अहलावत, 13वीं गढ़वार राइफल्स के कमान अधिकारी कर्नल मनीष रावत सहित अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 13 गढ़वाल राइफल्स के पाइप बैंड ने भावपूर्ण धुनों के माध्यम से माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि 14 जनवरी हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का दिन है। यह दिन उन भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और संयुक्त राष्ट्र मिशनों में सेवा देने वाले सैनिकों को समर्पित है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने जीवन के अमूल्य वर्ष अर्पित किए। भले ही वे आज सक्रिय सेवा में न हों, लेकिन राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पूर्व सैनिक समाज के लिए प्रेरणा, युवाओं के लिए आदर्श और राष्ट्र की सशक्त नींव हैं।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम सैनिकों के बलिदान को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में सम्मान दें। उनके कल्याण, सम्मान और गरिमा की रक्षा करें। वेटरन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। एक सभ्य और कृतज्ञ राष्ट्र वही होता है जो अपने सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करता है।
इसलिए मनाया जाता है वेटरंस डे
भारतीय सेना की ओर से 14 जनवरी को वेटरंस डे भारत के पहले भारतीय सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के सेवानिवृत्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे 15 जनवरी 1949 को सेना अध्यक्ष बने थे और इसी दिन को भारतीय सेना हर वर्ष सेना दिवस के रूप में मनाती है। इस वर्ष सेना दिवस का भव्य आयोजन राजस्थान में किया जा रहा है, जो महाराणा प्रताप और राणा सांगा जैसे वीरों की भूमि रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं उपस्थितजन ने एक स्वर में देश के समस्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान अमूल्य है, उनका योगदान अतुलनीय है और उनका सम्मान सदैव अमर रहेगा। |
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