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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चित्रकूट कोषागार मेंं हुए 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले की आंच में कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी नपेंगे। शासन ने इस मामले में सीनियर ट्रेजरी आफिसर रमेश सिंह व शैलेश कुमार, एकाउंट आफिसर पंचानन राय के साथ ही हाल ही में सेवानिवृत्त हुए असिस्टेंट ट्रेजरी आफिसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा शासन ने महा लेखापरीक्षक (एजी) को सभी कोषागारों की आडिट कराने के लिए भी पत्र भेजा है।
इस मामले की जांच करते हुए एसआइटी ने अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जिसमें 25 पेंशनर, दो कोषागार कर्मी और आठ दलाल शामिल हैं। एसआइटी द्वारा जेल भेजे जाने वाले कोषागार कर्मी सहायक कोषाधिकारी विकास सिंह सचान व सहायक लेखाकार अशोक कुमार पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। एक आरोपी का निधन हो चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, उनका जवाब मिलने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। घोटाले के दायरे में कुछ अन्य कार्मिक भी आ सकते हैं। शासन ने पांच जनवरी को ही एजी को सभी कोषागारों की आडिट के लिए लिख दिया था।
यह घोटाला सामने आने पर कोषागार निदेशक वीके सिंह ने सभी कोषागारों की आडिट कराए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा था, जिसके बाद शासन द्वारा आडिट के लिए पत्र लिखा गया है। बता दें कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच चित्रकूट कोषागार से 93 पेंशनरों के एरियर भुगतान के नाम पर उनके खाते में 43.13 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
घोटाले की धनराशि का बंदरबांट पेंशनर, कोषागार कर्मी और दलालों के बीच हुई। एसआइटी पेंशनरों की मूल पत्रावली, बैंक स्टेटमेंट के साथ ही अनियमित भुगतान के आरोपी कर्मचारियों व दलालों के नेटवर्क को खंगाल रही है। कोषागार निदेशक के मुताबिक घोटाले की राशि में से अब तक चार करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी हो चुकी है। |
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