जागरण संवाददाता, लखीमपुर। षट्तिला एकादशी व्रत का मान सबके लिए 14 जनवरी बुधवार को रखा जाएगा। भगवान भास्कर मकर राशि में 14 जनवरी बुधवार को रात नौ बजकर 19 मिनट पर प्रवेश करेंगे।
खरमास समाप्त हो जायेगा और सूर्यदेव उत्तरायण हो जायेंगे। चंद्रकला आश्रम के महंत प्रमोद ने बताया कि।मकर संक्रांति का यह शास्त्रोक्त नियम है कि प्रदोषकाल के रात्रि में किसी भी समय संक्रान्ति लगती हैं तो उसका पुण्यकाल दूसरे दिन होता है।
इस प्रकार मकर संक्रान्ति खिचड़ी का प्रसिद्ध पर्व 15 जनवरी गुरुवार को मनाया जाएगा। स्नान-दान के लिए यह पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता हैं। गंगा आदि सर्वत्र नदियों, तीर्थ, कुआं, सरोवर में स्नान किया जाएगा।
ऊनी वस्त्र,दुशाला, कम्बल, जूता, धार्मिक पुस्तकें, विशेष कर पंचांग का दान विशेष पुण्य फल कारक होता है।इस पर्व को पूरे देश में अपनी स्थानीय परम्परा एवं रीति रिवाज के साथ मनाया जाता हैं।
इस दिन लोग पवित्र तीर्थो में स्नान कर संतो या विशेष कर अपने गुरुजनों को खिचड़ी कंबल इत्यादि का दान करते हैं। |