जागरण संवाददाता, कानपुर। बैंकों के अधूरे काम-काज को अगले सप्ताह के दौरान निपटा लेना ही समझदारी है। 19 जनवरी से शुरू होने वाले सप्ताह में कुल पांच दिन की बैंकिंग के बाद लगातार चार दिन तक बैंक बंद रहेंगे।
इसकी वजह बैंकों की एक दिन की हड़ताल और उससे पहले गणतंत्र दिवस का आयोजन है। लगातार चार दिन की बंदी से बैंकों में लगभग 500 करोड़ की चेक क्लियरिंग के लिए फंस सकती हैं।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के की ओर से आगामी 27 जनवरी को बैंक हड़ताल की घोषणा की गई है। पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर बैंकों के कर्मचारी आंदोलन की राह पर हैं। इसमें भारतीय स्टेट बैंक समेत 11 सरकारी बैंक, सभी को- आपरेटिव बैंक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल की वजह से 27 जनवरी को बैंकों में काम-काज ठप रहेंगे।
इससे पहले बैंकों में 24 जनवरी से 26 जनवरी तक अवकाश रहेगा। 24 जनवरी को शनिवार और 25 जनवरी को रविवार है। जबकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की वजह से अवकाश रहेगा। बैंकों की हड़ताल के कारण अकेले कानपुर में 450 से लेकर 500 करोड़ की क्लियरिंग भी ठप रहेगी।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता एवं संयुक्त मंत्री अंकुर द्विवेदी ने बताया कि यूनाइटेड फ़ोरम ने बैंक संघ, वित्त मंत्रालय एवं मुख्य श्रमायुक्त को 27 जनवरी को बैंकिंग सेक्टर में हड़ताल का नोटिस दे रखा है। इसमें केंद्र सरकार से बैंकिंग इंडस्ट्री में सभी शनिवार को अवकाश घोषित करते हुए पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह को लागू करने की मांग की गई है।
पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल सोनकर एवं पूर्व मंत्री पंधारी लाल वर्मा ने बताया कि इससे पहले 2025 में हड़ताल के कारण ऐसी स्थिति बनी थी लेकिन तब केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद हड़ताल टल गई थी। अभी तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि बैंक लगातार चार दिन तक बंद रहें।
इससे जो चेक बैंक में शुक्रवार को जमा होंगी वह बुधवार को ही निपटारे के लिए प्रस्तुत हो पाएंगी। हर रोज 450 से 500 करोड़ के चेक जमा होते हैं। इसके अलावा शहर के बैंकों में लगभग 2100 करोड़ की नकद जमा और भुगतान, आर टी जी एस, नेफ्ट एवं फंड ट्रांसफर सहित अन्य लेन देन भी ठप हो जाएंगे। |