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पचास हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर इस माह से मिलेगी प्रसव की सुविधा। प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जिले में पचास हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को नए प्रसव केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुशहरी पीएचसी का निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार जनवरी के अंत तक प्रत्येक प्रखंड में कम से कम तीन एल-वन (लेवल-वन) प्रसव केंद्र शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए माइक्रो-प्लानिंग के तहत केंद्रों का चयन किया गया है।
औराई प्रखंड में सहजीवर, रामपुर संभूता और सहिलाबल्ली, कांटी प्रखंड में बीरपुर, मधुबन और लस्करीपुर में प्रसव सुविधा शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा सकरा प्रखंड के चंदनपट्टी और रतनपुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी सूची में शामिल किया गया है। पारू प्रखंड के देवरिया और मुरौल के महम्मदपुर केंद्रों पर मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा होते ही वहां भी प्रसव सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर प्रसव सुविधा उपलब्ध होने से सदर अस्पताल और एसकेएमसीएच जैसे बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होगा। साथ ही सुदूर इलाकों में मातृ मृत्यु दर घटाने के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि इस माह के अंत तक कम से कम तीन नए एल-वन प्रसव केंद्र अनिवार्य रूप से शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक क्रियाशील एल-वन केंद्र पर प्रति माह न्यूनतम 15 प्रसव कराना मानक के रूप में तय किया गया है। बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्रसव सुविधाओं का विकेंद्रीकरण करना है, ताकि गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में लंबी दूरी तय न करनी पड़े और उनके घर के पास ही सुरक्षित प्रसव हो सके।
लेवल-वन सेंटर विकसित होने से बढ़ी प्रसव दर
जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि अप्रैल 2025 में जिले के चिन्हित एल-वन केंद्रों पर कुल 83 प्रसव दर्ज किए गए थे, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 193 तक पहुंच गए। कुढ़नी प्रखंड के मनियारी एपीएचसी ने दिसंबर में सर्वाधिक 67 प्रसव कर एक मिसाल पेश की है। वहीं, बंदरा प्रखंड के रामपुर दयाल केंद्र में दिसंबर माह में 29 प्रसव दर्ज किए गए। कटरा प्रखंड के पहसौल और हथौड़ी केंद्रों में भी प्रसव संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। |
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