परियोजनाओं में बाधक अतिक्रमण हटेगा तो तुरंत मिलेगा मुआवजा। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, पटना। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने मंगलवार को प्रोजेक्ट मानिटरिंग ग्रुप की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विकास परियोजनाओं के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में अच्छी प्रगति है, लेकिन इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परियोजनाओं में बाधक बन रहे अतिक्रमण को तुरंत हटाने, मुआवजा भुगतान में देरी नहीं होने देने के साथ समय पर सभी कार्य पूरा कराने के सख्त निर्देश दिए।
पटना मेट्रो कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक बन रहे प्रायोरिटी कारिडोर को तय समय में पूरा कर लिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भू-अर्जन, भू-हस्तांतरण व परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर एसडीओ-एसडीपीओ को तत्परता व संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर, अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, एनएचएआइ, पुल निर्माण निगम, बीएसआरडीसीएल, एनटीपीसी, रेलवे एवं अन्य के प्रतिनिधि के अलावा जूम पर सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता व अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
जिले में केंद्र-राज्य की 30 परियोजना संचालित
डीएम ने बताया कि जिले में एनएचएआइ, मेट्रो, रेलवे, पुल निर्माण निगम, पथ निर्माण, आइओसीएल, गेल आदि की 30 केंद्र-राज्य संपोषित परियोजना संचालित हैं। सभी कार्य तेजी से चल रहा है। वे खुद शाम व रात को परियोजना स्थलों का भ्रमण कर कार्यों की प्रगति का निरीक्षण कर रहे हैं।
एसडीओ-एसडीपीओ को परियोजना स्थल पर अतिक्रमण को चिह्नित कर उसे हटाने और क्रियान्वयन एजेंसियों को हरसंभव मदद करने का निर्देश दिया। साथ ही निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को निर्माण कार्य में सुरक्षात्मक व पर्यावरण संरक्षण मानकों का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मौजावार कैंप लगाकर सभी परियोजना में हितबद्ध रैयतों को तेजी से मुआवजा दिया जाए।
डीएम ने परियोजनावार दिए ये निर्देश
मेट्रो परियोजना: डीएम ने कहा कि पाटलिपुत्र बस टर्मिनल बैरिया, जीरो माईल, भूतनाथ, खेमनीचक व मलाही पकड़ी तक के मेट्रो प्रायोरिटी कारिडोर के सभी व्यवधान दूर कर दिए गए हैं। प्रायोरिटी कारिडोर का शेष कार्य तेजी से हो रहा है। जो छोटे-छोटे मुद्दे आते हैं उसे तेजी से दूर किया जा रहा है। भू-अर्जन एवं भू-हस्तांतरण का कोई मामला लंबित नहीं है। रैयतों को मुआवजा देने में तेजी लाने को कहा गया है।
दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कारिडोर परियोजना: पटना-बिहटा आवागमन को सुगम बनाने वाली दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कारिडोर निर्माण परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है। 22 गांवों में भू-अधिग्रहण कर 940 रैयतों को 184.32 करोड़ मुआवजा दिया जा चुका है। लंबित मामलों को जल्द मुआवजा देकर भूमि हस्तांतरण के लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
रामनगर-कच्ची दरगाह परियोजना: रामनगर-कच्ची दरगाह (एनएच 119 डी) परियोजना के लिए भू-अर्जन कार्य मे तेजी लाने व फसल का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
पटना-आरा-सासाराम एनएच-119ए निर्माण योजना: भारतमाला परियोजना अंतर्गत पटना-आरा-सासाराम एनएच-119ए निर्माण योजना में दो अंचलों-नौबतपुर व बिहटा के 21 मौजों में 1,119 पंचाट हैं। कुल अर्जित रकबा 176.16 एकड़ है। एनएचएआइ ने मुआवजा भुगतान को 149.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। दिसंबर में कैंप लगाकर भू अर्जन किया गया था। अब मौजावार कैंप लगाकर मिशन मोड में भू अर्जन व मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
पटना रिंग रोड अंतर्गत कन्हौली-शेरपुर परियोजना के तहत भू-अर्जन हेतु तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। |