अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और अयातुल्ला अली खामेनेई। (फाइल)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में 28 दिसंबर से महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ भड़का जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। तमाम अंकुश और सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गोली चलाने के आदेश दिए हैं।
चश्मदीदों ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर स्वचालित हथियारों से गोली चलाना शुरू कर दिया है। जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि देशभर में अब तक करीब तीन हजार लोग मारे गए हैं। इस बीच, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के कारण इंटरनेट बंद किए जाने के बाद लोगों को फोन से विदेश में बात करने की छूट मिली। हालांकि इंटरनेट पर पाबंदी अब भी जारी है।
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देशभर में सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों समेत करीब तीन हजार लोग मारे गए हैं। हालांकि उन्होंने हिंसा के लिए आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि एक अन्य अधिकारी ने एक आंतरिक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि करीब तीन हजार लोगों की जान गई है और यह संख्या बढ़ सकती है। अगर इसकी पुष्टि होती है तो ईरानी इतिहास में यह अब तक की सबसे भीषण हिंसा होगी।
चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने तेहरान में छतों पर तैनात स्नाइपर्स को भीड़ पर गोलियां बरसाते देखा है। यासी नामक एक प्रदर्शनकारी ने कहा, \“शासन हत्याओं की होड़ में लगा है।\“ सोमवार रात इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो में तेहरान में प्रदर्शनकारियों का एक बहुत बड़ा जमावड़ा दिखा। गोली चलने और चिख-पुकार सुनाई दी।
एपी के अनुसार, ईरान में मंगलवार को मोबाइल फोन से विदेश में बात करने की सेवा बहाल की गई। इससे तेहरान में कई लोग विदेश में अपनों से बात करने में सक्षम हुए। जबकि कई ईरानियों ने बताया कि अभी टेक्स्ट मैसेज बंद है और इंटरनेट भी बंद है, जिससे हम बाहरी दुनिया से कटे हुए हैं।
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की अपील पर विरोध प्रदर्शन तेज होने पर गत गुरुवार को इंटरनेट और संचार सेवाओं को बंद कर दिया गया था, जिससे ईरान बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया था। रॉयटर्स के अनुसार, ईरान में इंटरनेट बंद होने के बावजूद कुछ लोग एलन मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का उपयोग कर रहे हैं।
ट्रंप और ईरानी विदेशी मंत्री ने कही है यह बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान वार्ता करना चाहता है, इसलिए अमेरिकी अधिकारियों से उसके प्रतिनिधियों की वार्ता हो सकती है, लेकिन सैन्य कार्रवाई का विकल्प उनके पास है।
ट्रंप ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो उनकी मदद के लिए अमेरिका सामने आएगा। जबकि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोमवार को अलजजीरा को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकाफ के संपर्क में हैं।
शिकायतें दूर नहीं हुईं तो बढ़ेगी हिंसा
रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के सांसद मोहम्मदरजा सबाघियन ने मंगलवार को चेताया कि अगर सरकार ने लोगों की शिकायतें दूर नहीं की तो उसे और बड़े विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ेगा। इससे देश में अशांति बढ़ेगी। जबकि यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने कहा कि वह ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की बढ़ती हिंसा से भयभीत हैं।
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने एक बयान में कहा, \“इस भयानक हिंसा का दौर जारी नहीं रहना चाहिए। ईरानी लोगों की मांगों को न्याय, समानता और निष्पक्षता के साथ सुना जाना चाहिए।\“
अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने को कहा
एएनआइ के अनुसार, ईरान में अमेरिका के दूतावास ने सोमवार को एक एडवाइजरी जारी की। इसमें अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है। साथ ही यह चेतावनी दी गई है कि देश में विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं, जो हिंसक हो सकते हैं। इससे खतरा पैदा हो सकता है।
ईरानी सरकार के दिन गिने-चुने- जर्मन चांसलर
भारत की दो दिवसीय यात्र पर आए जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि उनका मानना है कि ईरान की सरकार के दिन गिने-चुने रह गए हैं। उन्होंने ईरान से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तुरंत हिंसा रोकने की अपील दोहराई है। मर्ज ने कहा, \“अगर कोई शासन केवल बल प्रयोग के इस्तेमाल से सत्ता में बना रहता है तो असल में उसका अंत करीब है।\“
एएनआइ के अनुसार, भारत में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी नेताओं को धोखा देना बंद करने की चेतावनी दी है। दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान अपने दुश्मनों को जानता है। सरकार समर्थित प्रदर्शनों ने विदेशी दुश्मनों की साजिश को नाकाम कर दिया है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
यह भी पढ़ें- ईरान में अशांति बढ़ी, इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच हिंसा के आरोप; अब तक 78 की मौत
|
|