पीतमपुरा गांव स्थित गोदाम परिसर में इसी जगह पर बना था कमरा, जिससे आग फैली। जागरण
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। रानीबाग थानाक्षेत्र के पीतमपुरा गांव में सोमवार की देर रात गत्ता गोदाम परिसर में बने एक कमरे में अचानक आग लग गई। कमरे में सो रहे पांच लोगों में से दो लोगों की जलने से मौत हो गई। इनमें से एक गोदाम मालिक भी था। वहीं, तीन अन्य लोग झुलस गए, जो कमरे की कच्ची दीवार तोड़कर समय रहते बाहर निकल आए। आग लगते ही गोदाम में रखे दो सिलिंडर में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग और तेजी से फैल गई। लपटों में पास के एक गोदाम व डेयरी को भी अपनी चपेट में ले लिया।
बछड़े की भी जलने से हो गई मौत
इस दौरान डेयरी में मौजूद एक बछड़े की जलने से मौत हो गई जबकि 10 से अधिक गोवंशी व भैंसों को बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया। गोदाम के पास खड़े पांच ई-रिक्शा समेत एक बाइक भी आग की चपेट में आने से जल गए।
सूचना पर पहुंची दमकल की नौ गाड़ियों करीब सात घंटे बाद आग पर काबू पाया। रानीबाग थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान गोदाम मालिक 26 वर्षीय बृजेश व 28 वर्षीय सतीश के रूप में हुई है। दोनों ही बिहार के जिला नालंदा के रहने वाले थे।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि सोमवार रात करीब डेढ़ बजे रानीबाग में आग लगने की घटना के बारे में एक पीसीआर कॉल मिली। आग पीतमपुरा गांव में एक खाली प्लाॅट में लगी थी, जिसका इस्तेमाल टिन शेड के नीचे कबाड़ कार्ड बोर्ड और गत्ता स्टोर करने के लिए किया जा रहा था।
जांच के लिए सबूत इकट्ठा किए गए
सूचना मिलते ही एसएचओ रानीबाग टीम मौके पर पहुंचे। छह फायर टेंडर बुलाए गए और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। बचाव अभियान के दौरान मौके पर पांच लोग जले हुए मिले, जिन्हें जहांगीरपुरी स्थित बाबू जगजीवन राम जाया गया। घायलों में से बृजेश और सतीश को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है।
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक आसपास के बाजारों से कबाड़ कार्ड बोर्ड और कत्ता इकट्ठा करके बेचते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि गोदाम में बड़ी मात्रा में अत्यधिक ज्वलनशील कबाड़ सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
जिला क्राइम और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और आगे की जांच के लिए सबूत इकट्ठा किए गए। आग लगने का सही कारण इस समय पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है। शवों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बीजेआरम अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।
आग लगते ही आस-पास के गोदामों में मच गई अफरा-तफरी
आग लगने के बाद एक बाद एक दो सिलिंडर फटने से आग की लपटे पास की एक अन्य गोदाम व डेयरी तक पहुंच गई। जिससे एक और गोदाम और डेयरी में भी आग लग गई। गोदाम में मौजूद लोगों सने सामानों को हटाना शुरू कर दिया। वहीं, डेयरी में बंधे दस से अधिक गोवंशी व भैंसों को खोलकर यहां से तत्काल हटाया गया। इस दौरान जलने से एक बछड़े की मौत हो गई।
अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं गोदाम
पीतमपुरा गांव स्थित जिस गोदाम में आग लगी है, इसके आसपास काफी संख्या में अवैध गोदाम चलाए जा रहे हैं। जमीन मालिक जमीन को किराया पर दिया हुआ है। जिसमें टीन शेड डालकर लोगों ने गोदाम बनाया हुआ। जिसमें कबाड़ के अलावा गत्ते खरीदकर जमा करते हैं, फिर इसे थौक में बेचते हैं। इस हादसे के बाद से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। लोगों ने बताया कि कई वर्षों से रिहायशी क्षेत्र के बीच गोदाम चलाए जा रहे हैं, जिसके खिलाफ समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसका नतीजा है कि दो लोगों की इस हादसे में मौत हो गई।
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