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झारखंड में सस्ता होने लगा बालू, नए घाटों की नीलामी से बदला माहौल
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में तमाम बालू घाटों की नीलामी की संभावना मात्र से इसकी आपूर्ति में बढ़ोतरी होने लगी है और अब दरों में कमी आने लगी है। पेसा लागू नहीं होने के कारण हाईकोर्ट ने बालू घाटों सहित लघु खनिजों के आवंटन पर रोक लगा दी थी। अब राज्य सरकार ने पेसा लागू कर हाई कोर्ट की बातों को मान लिया है।
इसके साथ ही बालू घाटों की नीलामी को लेकर प्रक्रिया तेजी से चल रही है। कई जिलों में बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रक्रिया आगे बढ़ने से राज्य में बालू की दरों में कमी आने लगी है। व्यवसायियों के अनुसार अभी तक 25 प्रतिशत के करीब दरों में कमी आई है।
निर्माण उद्योगों को राहत
बालू की दरों में कमी आने से राज्य में निर्माण उद्योग राहत महसूस कर रहे हैं। पहले से ही सीमेंट और अन्य आवश्यक सामग्रियों की कीमत स्थिर थी जिस कारण से बालू की मांग भी बढ़ नहीं रही थी। इसी बीच सरकार के निर्णय ने मांग में कमी का लाभ आम लोगों को मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
झारखंड में राज्य की जरूरतों के हिसाब से बालू की कमी कतई नहीं है। अभी सात-आठ वर्षों पहले तक बालू की कीमत जहां 15-20 हजार रुपये प्रति हाइवा थी और इसकी कीमत बढ़कर कीमत 45-50 हजार रुपये तक पहुंच गई थी। अब नए निर्णयों और घाटों की नीलामी से रेट में कमी दिखने लगी है।
अवैध बालू बंद होने के आसार
राज्य सरकार प्रदेश में बालू कारोबार में सफाई अभियान को पूरा करते हुए अवैध बालू को पूरी तरह से बंद कराने के प्रयास में है। हालांकि इसकी संभावना कम ही हैं। पिछले कुछ वर्षों में पुलिस की मदद से अवैध कारोबारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इसे रोकने में राज्य सरकार कितना सफल होती है उसी से इस कारोबार का भविष्य तय होगा।
अभी सभी जिलों में शुरू होगी नीलामी
राज्य में बालू घाटों की नीलामी पर रोक हटने के साथ ही सभी जिलों में इससे संबंधित गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। इससे आनेवाले दिनों में बालू की कीमतों में और कमी आने का अनुमान है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के साथ ही बालू की उपलब्धता तमाम लोगों के लिए सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है। |
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