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जागरण संवाददाता, सोनीपत। साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपितों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। आरोपित अमित और मोहम्मद अर्श उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और रविंद्र सीतापुर का रहने वाला है। आरोपित विदेश में रह रहे रिश्तेदारों के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। गोहाना के रहने वाले युवक से भी आरोपितों ने ठगी की वारदात की थी। आरोपितों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गोहाना के रहने वाले सुरेश ने 14 दिसंबर, 2023 को शिकायत दी थी कि उनके पास सात दिसंबर को वाट्सएप काॅल आई थी। वाट्सएप काॅल करने वाले ने अपना परिचय उसके भांजे नवजोत के रूप में दिया था, जो कि आस्ट्रेलिया में रह रहा है। आवाज भी उसी की तरह लग रही थी। उसने कहा कि उसके दोस्त की मां बीमार है, जो अस्पताल में भर्ती है। उसको रुपये की जरूरत है। उसने कहा कि वह दोस्त को उनका नंबर दे रहा है। उसका फोन आएगा, बात करके उसको रुपये भेज देना।
नवजोत बनकर बात कर रहे युवक ने कहा कि वह उसके खाते रुपये भेज रहा है। उनमें से ही उसके दोस्त को रुपये भेज देना। वाट्सएप पर खाते में रुपये जमा कराने की रसीद भी भेज दी। सुरेश का कहना है कि उसे लगा कि भांजे ने रुपये जमा करवा दिए हैं। सुरेश का कहना है कि उसने युवक के बताए गए खाते में 2.50 लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद आठ दिसंबर को चेक के माध्यम से 2.50 लाख और दो लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद भांजा बनकर बात कर रहे युवक ने 12.50 लाख रुपये की रसीद और भेजी और कहा कि रुपये 24 घंटे बाद आ जाएंगे।
दोस्त के खाते में 1.50 लाख रुपये और जमा करवा दो। सुरेश का कहना है कि जब और रुपये भेजने से मना किया तो वह कहने लगा जितने भी रुपये है वो भेज दो। शक होने पर भांजे नवजोत के परिवार से संपर्क किया तो पता चला कि नवजोत ने उसे कोई बात नहीं की, तो उसे ठगी का अहसास हुआ। रुपये ट्रांसफर की फर्जी रसीद दिखाकर उसके साथ कुल दिखाकर 9,20,000 रुपये की ठगी की गई। शिकायत पर थाना साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। अब छानबीन कर तीनों आरोपितों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है।
खाते में 2.90 लाख फ्रिज किए, 80 हजार रुपये बरामद
पुलिस ने आरोपितों के बैंक खाते में 2.90 लाख रुपये फ्रिज करवाए हैं। वहीं, उनके खातों से भी 80 हजार रुपये की रिकवरी की गई है। साथ ही आरोपितों के पास से 10 डेबिट कार्ड और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
“किसी भी अनजान काॅल पर विश्वास न करें। यदि कोई काॅल आती है तो उसके स्वजन से एक बार बातचीत कर पुख्ता कर लें। यदि साइबर ठगी का शिकार हो भी जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर-1930 पर शिकायत दें।“
-बसंत कुमार, प्रभारी, थाना साइबर
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