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World Book Fair 2026: आम ही नहीं, खास भी पहुंच रहे ज्ञान के सागर में डुबकी लगाने

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भारत मंडपम में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में कृष्ण भक्ति पद पुस्तक का विमोचन करती अभिनेत्री व सांसद हेमा मालिनी साथ में कवि दास नारायण,दीपाली वाशिष्ठ व प्रकाशक अरुण महेश्वरी। ध्रुव कुमार



संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। भारत मंडपम में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में आम ही नहीं, खास भी चाव से पहुंच रहे हैं। ऐसा लगता है कि हर कोई ज्ञान के सागर में डुबकी लगा लेना चहता है। सुबह से ही परिवार, छात्र, पाठक और युवा आगंतुकों यहां जुटना शुरू हो जाते हैं, जिससे मेला पुस्तकों और विचारों के एक जीवंत सार्वजनिक उत्सव में तब्दील हो जाता है।
स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी सहित कई हस्तियां शामिल

सोमवार को पुस्तक मेले में आने वाले खास लोगों में भारतीय सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि, अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री स्मृति ईरानी शामिल थीं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मेले का दौरा किया और भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और बुद्धिमत्ता @75 को समर्पित थीम मंडप का भ्रमण किया। अपने दौरे के दौरान, उन्होंने कान्सेप्ट वाल का भी अवलोकन किया।

  

विश्व पुस्तक मेले मेंथीम पवेलियन में भारत साहित्य महोत्सव के विशेष सत्र में भाग लेती वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी। जागरण

थीम मंडप में ही स्मृति ईरानी ने नेतृत्व, सार्वजनिक सेवा और जमीनी स्तर की भागीदारी से राष्ट्रीय जिम्मेदारी तक की यात्रा पर अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रख्यात वक्ता स्मृति ईरानी ने भारत साहित्य महोत्सव के एक विशेष सत्र में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले के इतिहास में पहली बार दर्शन और वीरता को एक साथ मनाया जा रहा है।

  

भारत मंडपम में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में पुस्तकों का अवलोकन करते पुस्तक प्रेमी। ध्रुव कुमार

उन्होंने इसे साहित्य और प्रौद्योगिकी का अनूठा संगम बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साहित्य और विषयवस्तु केवल पढ़ने के साधन नहीं हैं, बल्कि शक्तिशाली माध्यम हैं जो जीवन को समझने और जीने के नए तरीके सिखाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही सामग्री उपभोग के तरीके बदल गए हों, लेकिन विचारों की शक्ति और प्रासंगिकता अपरिवर्तित रहती है।

थीम मंडप में ही हेमा मालिनी की उपस्थिति में कविवर दास नारायण द्वारा रचित एवं डा उमेश चन्द्र शर्मा द्वारा संपादित ‘कृष्ण भक्ति पद’ पुस्तक का अनावरण सम्पन्न हुआ। \“\“कवि दास नारायण के कृष्ण भक्ति पद\“\“ में वाणी प्रकाशन ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी और संचालन की भूमिका में वाणी प्रकाशन ग्रुप की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदिति माहेश्वरी भी उपस्थित रहीं। जबकि हेमा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।

  

उन्होंने कहा कि यह केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं, बल्कि भक्ति कविता और आध्यात्मिक अनुभव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह कृति एक समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाती है जिसकी जड़ें सूरदास और मीराबाई जैसे कवियों में देखी जा सकती हैं। उन्होंनें भक्ति रस की कुछ पंक्तियां भी सुनाईं।
साहित्यिक गतिविधियां भी जारी

खुद को ‘गुलाबी फेमिनिस्ट’ बताते हुए हास्य और सशक्त सामाजिक संदेशों के संतुलन के साथ प्रसिद्ध हिंदी लेखिका ममता कालिया ने महिलाओं से अपने अधिकारों, प्रतिरोध और जीवनानुभवों पर निर्भीक होकर लिखने का आह्वान किया। वे लेखक मंच पर आयोजित ‘नया नारी विमर्श’ पुस्तक पर केंद्रित चर्चा में भाग ले रही थीं। चर्चा में दिल्ली विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. बलवंत कौर भी शामिल रहीं, जिन्होंने ममता कालिया की साहित्यिक यात्रा की सराहना करते हुए उनके स्त्रीवादी विचारों के विकास को रेखांकित किया।

मेले के तीसरे दिन किड्ज़ एक्सप्रेस ने बच्चों को कहानियों, पात्रों और रचनात्मकता की दुनिया की सैर कराई। दिन भर विभिन्न रोचक और शिक्षाप्रद गतिविधियों में 2,500 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

हाल नं. पांच में प्रभात प्रकाशन के स्टाल पर भावना शेखर की पुस्तक मोह मोह के धागे और सात यशस्वी बालक का विमोचन हुआ। आम्ब्रीन जैदी की पुस्तक थे साइलेंट वारियर और कुमुद शर्मा की हिंदी साहित्य के विवाद संवाद का विमोचन भी हुआ। इस दौरान प्रभात कुमार भी उपस्थित रहे।
पुस्तक मेले में राइट्स टेबल 2026 का शुभारंभ

विश्व पुस्तक मेला 2026 के अंतर्गत आयोजित प्रमुख बी2बी पहल नई दिल्ली राइट्स टेबल (एनडीआरटी) का सोमवार को भारत मंडपम में शुभारंभ हुआ। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) इंडिया द्वारा संचालित यह मंच भारत को वैश्विक प्रकाशन व्यापार और राइट्स एक्सचेंज के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

एनबीटी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसे विशेष रूप से पेशेवर प्रकाशकों के लिए एक संरचित व्यावसायिक मंच के रूप में डिजाइन किया गया है। इसमें 85 प्रकाशक भाग ले रहे हैं, जिनमें लगभग 40 विदेशी प्रकाशक शामिल हैं। इस मौके पर एनबीटी निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि भारत आगामी बोगोटा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला, कोलंबिया में अतिथि देश के रूप में 3,000 वर्ग मीटर के पवेलियन के माध्यम से अपनी बहुभाषी प्रकाशन परंपरा को प्रस्तुत करेगा।
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