सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, सिवान। जिले के किसानों को डिजिटल पहचान देने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और अन्य सब्सिडी जैसी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए के सीधे और आसानी से मिल सके।
जिला कृषि विभाग कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अबतक 36 हजार 335 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री तैयार किया गया है। हालांकि राज्य से प्राप्त प्रगति प्रतिवेदन के अवलोकन से यह साफ तौर पर स्पष्ट हो रहा है कि जिलान्तर्गत फार्मर रजिस्ट्री व ई-केवाइसी का कार्य संतोषजनक नहीं है।
ऐसे में संबंधित पदाधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के सभी 19 प्रखंडों के पांच लाख 34 हजार 593 किसानों का डिजिटल आईडी यानी फार्मर रजिस्ट्री तैयार करना है।
वहीं इसके विरूद्ध अबतक महज 36 हजार 335 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री तैयार हुआ है। वहीं लक्ष्य के विरूद्ध एक लाख 85 हजार 334 किसानों का ई-केवाइसी पूर्ण हो सका है। इसमें बड़हरिया प्रखंड में सर्वाधिक 4138 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री हुआ है। जबकि सबसे कम लकड़ी नवीगंज प्रखंड में 1050 किसानों का डिजिटल आइडी बन पाया है।
जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि जिले के सभी किसानों को यूनिक किसान आइडी से जोड़कर केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ दिलाने की तैयारी की जा रही है।
इस आईडी के जरिए सरकार किसानों को विभिन्न योजनाओं और वित्तीय लाभ आसानी से और बिना किसी रुकावट के प्रदान कर सकेगी। किसान रजिस्ट्री में तेजी लाने का निर्देश सभी संबंधित पदाधिकारियों व कर्मियों को दिया गया है। जल्द हीं इसकी प्रगति अच्छी हो जाएगी।
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