संवाद सूत्र, फफूंद (औरैया)। औरैया में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) में फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्जी समूह बनाकर 16.71 लाख रुपये हड़पे गए। इस मामले में ब्लाक मिशन प्रबंधक सहित चार लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
भाग्यनगर ब्लाक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में फर्जी समूह बनाकर 16.71 लाख रुपये हड़ने के मामले में रविवार देर रात खंड विकास अधिकारी की तहरीर पर ब्लाक मिशन प्रबंधक समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में उसका खुलासा होने के बाद उपायुक्त रोजगार एसएन सिंह के निर्देशों पर कार्रवाई की गई है।
जागृति समूह में महिलाओं को शामिल कर समिति बनाई गई। 20 नवंबर 2024 को हस्ताक्षर कर बैंक को दस्तावेज सौंपे गए थे। औरैया की यूपी ग्रामीण बैंक से धनराशि यूनियन बैंक आफ इंडिया की फफूंद शाखा में स्थानांतरित की गई थी।
फफूंद थाने में दी गई तहरीर में ब्लाक भाग्यनगर के खंड विकास अधिकारी डा. आदित्य तिवारी ने बताया कि ब्लाक के अंतर्गत एनआरएलएम के ब्लाक मिशन प्रबंधक (बीएमएम) संकल्प तिवारी द्वारा कूटरचित अभिलेख बनाकर और स्वयं लिखित संस्तुति देकर वित्तीय अनियमितता किए जाने के उद्देश्य से यूनियन बैंक की फफूंद शाखा में जागृति प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ रोशनपुर का खाता खुलवाया। इस खाते से विभिन्न समूहों से अनियमित धनराशि हस्तांतरण एवं आहरण कराई गई है। जांच के क्रम में सही पाए जाने पर ब्लाक मिशन प्रबंधक संकल्प तिवारी, पूनम डेविड पत्नी लालसिंह एवं संध्या पत्नी सत्यपाल के साथ ब्लाक मिशन प्रबंधक निखिल कुशवाहा के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करा दी गई है। उधर, अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित एक गरीबी उन्मूलन परियोजना है। यह योजना स्व-रोज़गार को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबों को संगठित करने पर केंद्रित है। इस मिशन को अब दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के नाम से जाना जाता है। समूहों को बनाने के लिए की जाने वाली मेहनत न कर साठगांठ कर फर्जीवाड़ा कर दिया गया।
भाग्यनगर ब्लाक में फर्जी संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) बनाकर 16.71 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ। यूपी ग्रामीण बैंक में रकम स्थानांतरित होने पर संदेह हुआ तो बैंक ने उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एसएन सिंह को जानकारी दी। गोपनीय जांच हुई तो पूरा मामला पकड़ में आया। ब्लाक मिशन प्रबंधक (बीएमएम) संकल्प तिवारी को हटाए जाने की कार्रवाई करते हुए जांच कराई जा रही है। स्वयं सहायता समूहों को मिलाकर ग्राम संगठन बनाया जाता है। इन संगठनों को मिलाकर प्रत्येक ब्लाक में चार संकुल स्तरीय संघ बनाए जाते हैं। यहां पर पांचवां फर्जी संकुल बना लिया गया।
लड़ैयापुर और देवरपुर स्वयं सहायत समूह व संगठनों को उल्टी-सीधी पट्टी पढ़ाई गई। 16.71 लाख रुपये यूपी ग्रामीण बैंक में पहले स्थानांतरित कराए गए। इसके बाद यूनियन बैंक आफ इंडिया की शाखा में उसे स्थानांतरित कर रकम निकाल ली गई। पूरे खेल में ब्लाक मिशन प्रबंधक (बीएमएम) संकल्प तिवारी और निखिल कुशवाह का नाम सामने आया। उपायुक्त एसएन सिंह ने सचिव आदित्य तिवारी से जांच कराई। दोनों बीएमएम की संलिप्तता मिलने पर संकल्प व निखिल को कार्रवाई की जद में लिया गया था। इन्हें कार्य से हटाया भी गया।
तीन महिलाओं के नाम को समिति में किया शामिल
गांव रोशनपुर गर्दपुर फफूंद निवासी पूनम देवी को अध्यक्ष बनाते हुए इसी गांव की प्रीती को सचिव व संध्या देवी को सदस्य बनाया गया। 20 नवंबर 2024 को तीनों ने अपने-अपने आधार पहचान पत्र की फोटोकापी पर हस्ताक्षर कर यूनियन बैंक आफ इंडिया को सौंप दिया। शाखा प्रबंधक राहुल प्रताप सिंह ने बताया कि जागृति समूह नाम से खाता बैंक में खोला गया था। इसके बाद रकम निकाली गई थी। बैंक स्तर से कोई गड़बड़ी नहीं हुई। खाता धारकों ने कहीं न कहीं अपने विभाग के अधिकारियों को गुमराह किया है। महिलाओं को रोजगार दिलाने व योजना का प्रचार प्रसार कराए जाने के शासन से रुपयों की मांग की गई। फर्जी संघ बनाने के बाद उसके बैंक खाते में रुपये पहुंचने पर उसे दूसरे बैंक के खाते में ट्रांसफर कराने का कार्य हुआ। यहां से रकम निकाल फर्जीवाड़ा कर लिया गया। |
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