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पंचकूला बनेगा हाई-टेक स्मार्ट सिटी, एक कंट्रोल रूम से शहर पर 24 घंटे नजर, जाम-क्राइम पर लगेगा ब्रेक

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पंचकूला अब स्मार्ट सिटी की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाने जा रहा।



राजेश मलकानियां, पंचकूला। पंचकूला अब स्मार्ट सिटी की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाने जा रहा है। शहर की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को हाई-टेक बनाने के लिए पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) द्वारा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लागू होते ही पंचकूला हरियाणा के सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त जिलों में शुमार हो जाएगा।

आईसीसीसी प्रोजेक्ट के तहत शहर में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से 24 घंटे पूरे पंचकूला की लाइव निगरानी होगी। इस कंट्रोल रूम में पुलिस, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), पीएमडीए और नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी एक साथ तैनात रहेंगे। एक ही छत के नीचे सभी विभागों के समन्वय से शहर की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
अपराध और ट्रैफिक उल्लंघनों पर नजर

इस हाई-टेक सिस्टम के जरिए न केवल अपराध और ट्रैफिक उल्लंघनों पर नजर रखी जाएगी, बल्कि टूटी सड़कों, बंद स्ट्रीट लाइटों, गंदगी, जल आपूर्ति, सीवरेज और अन्य नागरिक समस्याओं की भी रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। जैसे ही कोई समस्या सामने आएगी, संबंधित विभाग को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे शिकायतों का समाधान पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगा।
डायल-112 इंटीग्रेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं

आईसीसीसी प्रोजेक्ट में एआई-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम, अडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन, ऑटोमैटिक चालान प्रणाली और डायल-112 इंटीग्रेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इससे अपराधियों की पहचान तेज होगी, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और आपातकालीन सेवाओं का रिस्पान्स टाइम काफी कम हो जाएगा।

एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सेवाएं अब बिना किसी देरी के जरूरतमंद तक पहुंच सकेंगी। आईसीसीसी के लागू होने के बाद बड़े आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट और कानून-व्यवस्था की निगरानी भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी। साथ ही पर्यावरण, जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम की रियल-टाइम मानिटरिंग से शहर को अधिक स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
हाई-टेक सेंसर आधारित ट्रैफिक लाइटें

ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी पीएमडीए ने आक्रामक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि शहर में बढ़ती जाम की समस्या से निपटने के लिए स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है। सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग रोड पर हाई-टेक सेंसर आधारित ट्रैफिक लाइटें हाल ही में शुरू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रोज लगने वाले भारी जाम से हजारों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है।
शहर का दूसरा स्मार्ट सिग्नल सिस्टम लगाने की तैयारी

इसी सफलता के बाद अब सेक्टर-12 और 12ए की डिवाइडिंग रोड पर शहर का दूसरा स्मार्ट सिग्नल सिस्टम लगाने की तैयारी है। इसके लिए पीएमडीए ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और करीब 15 लाख रुपये की लागत से यह सिस्टम स्थापित किया जाएगा। सेक्टर-12, 12ए और सेक्टर-20, 21 के बीच बने दो व्हीकल अंडरपास के बाद इस पूरे कारिडोर पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया था, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बनती थी।

घग्गर पार स्थित सेक्टर-24 और 26 को जोड़ने वाला नया पुल खुलने के बाद सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग रोड पर अचानक यातायात बढ़ गया। आसपास के सेक्टरों और रामगढ़ क्षेत्र से आने वाले अधिकांश वाहन इसी मार्ग से शहर में प्रवेश करते हैं। पहले कई बार ट्रैफिक पुलिस को मैन्युअली सिग्नल बंद कर यातायात नियंत्रित करना पड़ता था, जिससे जाम और बढ़ जाता था।
टाइमर के अनुसार स्वतः संचालित होंगी लाइट्स

अब सेंसर आधारित स्मार्ट ट्रैफिक लाइटें ट्रैफिक दबाव और तय टाइमर के अनुसार स्वतः संचालित होंगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे अनावश्यक रुकावटें कम होंगी और वाहन सुचारू रूप से आगे बढ़ेंगे। हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि स्मार्ट सिस्टम के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों का पालन और धैर्य भी जरूरी है, तभी पंचकूला को सही मायनों में स्मार्ट और जाम-मुक्त शहर बनाया जा सकेगा।
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