प्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सहयोगी, जागरण बांदा। झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार सुबह सात बजे दर्दनाक हादसे में प्राइवेट स्कूल की महिला कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद आक्रोशित कस्बे वासियों ने झांसी- मीरजापुर हाईवे जाम कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर लोगों ने जाम हटाया।
अतर्रा कस्बे के शास्त्री नगर भवानीगंज मोहल्ला निवासी कल्लू नामदेव की 60 वर्षीय पत्नी राजकुमारी नामदेव तथागत ज्ञानस्थली सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पिछले 15 वर्षों से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थीं। रविवार सुबह करीब सात बजे वह अपने ही मोहल्ले की रहने वाली 55 वर्षीय महिला कर्मचारी सुशीला तथा भागवत नगर निवासी 58 वर्षीय सोना के साथ पैदल स्कूल जा रही थीं।
स्कूल से लगभग 100 मीटर पहले बांदा की ओर से प्रयागराज की ओर जा रही एक तेज रफ्तार बोलेरो के चालक को झपकी आ गई, जिससे बोलेरो अनियंत्रित होकर गलत दिशा में चली गई और तीनों महिलाओं को टक्कर मारते हुए ईंटों के चट्टे में जा घुसी। जिससे हादसे में महिला कर्मचारी राजकुमारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुशीला और सोना गंभीर रूप से घायल हो गईं।
दुर्घटना के बाद बोलेरो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बोलेरो में सवार लोग प्रयागराज अस्थि विसर्जन के लिए जा रहे थे। घटना से आक्रोशित स्वजन व कस्बे वासियों ने बोलेरो में सवार लोगों के साथ मारपीट कर दी और चालक को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया।
जाम की सूचना पर सीओ सौरभ सिंह, नायब तहसीलदार कुमार शिवम तथा थाना प्रभारी ऋषिदेव मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के करीब दो घंटे बाद कस्बे वासी हाईवे से हटे तभी जाकर प्रशासन ने जाम खुलवा पाया।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा है दिवंगत का परिवार
दिवंगत राजकुमारी के पुत्र जीतू ने बताया कि उनके पिता दर्जी का काम करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मां वर्षों से विद्यालय में आया की नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। दिवंगत के तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। घटना से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। थाना प्रभारी ऋषिदेव ने बताया कि पति की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बोलेरो को कब्जे में ले लिया गया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
बड़ी बहन की अस्थियां ले जाते समय हादसे में फंसे स्वजन
झांसी के बड़ा बाजार मोहल्ला निवासी मालती देवी ने बताया कि उनकी बड़ी बहन कृष्णा देवी का बीमारी के चलते कुछ दिन पहले निधन हो गया था। बड़ी बहन अविवाहित थीं और वह लंबे समय से उनके साथ ही रह रही थीं। रविवार देर रात क्रियाकर्म के उद्देश्य से मालती देवी अपने पुत्र लोकेंद्र मिश्रा, पुत्री शिवांगी व अन्य स्वजनों के साथ निजी बोलेरो से प्रयागराज जा रही थीं।
वाहन को एक निजी चालक चला रहा था। अतर्रा कस्बे के पेट्रोल पंप के पास चालक को झपकी आ जाने से बोलेरो अनियंत्रित हो गई और हादसा हो गया। चालक के मौके से भाग जाने पर आक्रोशित लोगों ने मालती देवी व अन्य स्वजन के साथ मारपीट कर उन्हें रोक लिया।
सूचना पर लगभग 15 मिनट बाद पहुंची पुलिस ने सभी को सुरक्षित अतर्रा थाने पहुंचाया। इसके बाद दोपहर में सभी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। हादसे के बाद भयभीत स्वजन दूसरी गाड़ी से जाने के बजाय रोडवेज बस से प्रयागराज रवाना हुए।
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बेटे की बात मान लेती तो बच सकती थी राजकुमारी की जान
हादसे में जान गंवाने वाली राजकुमारी बीते तीन दिनों से सर्दी-जुकाम से पीड़ित थीं। रविवार सुबह जब वह ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार हो रही थीं, तब बेटे जीतू ने तबीयत ठीक न होने का हवाला देते हुए उन्हें स्कूल न जाने की सलाह दी थी। हालांकि राजकुमारी ने रोज़ की तरह काम पर जाने का निर्णय लिया।
किसे पता था, कि यह उनका आखिरी सफर होगा। यदि बेटे की बात मान ली जाती, तो शायद आज राजकुमारी अपने परिवार के बीच सुरक्षित होतीं। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। |
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