माघ मेला की तैयारी शुरू, 18 जनवरी को श्रद्धालु लगाएंगे गंडक में डुबकी
संवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली वाल्मीकिनगर का स्पर्श कर बहने वाली नारायणी गंडकी के पावन जल में स्नान दान और पूजा पाठ को लेकर माघ महीने के मौनी अमावस्या पर लगने वाली मेला को लेकर वाल्मीकिनगर क्षेत्र में गहमागहमी बढ़ गई है।
मौनी अमावस्या मेले में उत्तरप्रदेश तथा बिहार के कई शहरों के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल तथा से प्रत्येक वर्ष लाखों लाख की संख्या में श्रद्धालु आस्था के साथ पवित्र नारायणी नदी में पवित्र स्नान के लिए पहुंचते हैं।
इस अवसर पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए वाल्मीकिनगर तथा त्रिवेणी में मेला लगता है और श्रद्धालु मेला का आनंद उठाने के साथ ही खरीददारी भी करते हैं।
मेला में अपनी दुकान लगाने के लिए बाहर से दुकानदारों का आना शुरू हो गया है। मेला में हरेक माल,श्रृंगार प्रसाधन, ऊनी वस्त्र, मिठाईयां, हथकरघा उद्योग, लोहे से बने वस्तुओं, की दुकान सहित मनोरंजन के लिए झूला, मौत का कुआं, टॉय ट्रेन, ब्रेक डांस समेत विभिन्न तरह के बच्चों को लुभाने वाले जादू का स्टॉल आदि दुकाने सजनी शुरू हो गई है। मौसम के खुशनुमा हो जाने से बाहर से आए व्यवसायियों में खुशी का माहौल है।
मेला में झूला तथा ब्रेक डांस ले के आए व्यवसायी मुन्ना कुमार ने बताया की मौसम बढ़िया होने से इस बार मेला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जिससे व्यवसाय अच्छा होने की उम्मीद बन रही है।
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