मौसम विभाग ने जनवरी के अंत तक गलन जारी रहने का अनुमान लगाया है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी में गलन का दौर जल्द ही लौटने वाला है। प्री पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से विगत तीन दिनों से बदला हुआ मौसम लोगों को भले ही राहत देता नजर आया हो लेकिन गलन का प्रकोप अब विक्षोभ के पीछे से आने की ओर है। माना जा रहा है कि मंगलवार से मौसम दोबारा बदल सकता है और गलन का दौर लौट आएगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में इजाफा होने की वजह से लोगों को गलन से कुछ राहत महसूस हो रहा है।
सोमवार की सुबह मामूली कोहरे का असर रहा और तापमान में कमी का दौर भी रहा। हालांकि पारा अभी भी न्यूनतम दस डिग्री से कम बना हुआ है। तापमान में कमी की वजह से माना जा रहा है कि अभी भी ठंड का प्रभाव खत्म नहीं हुआ है। मगर, आने वाले समय में गलन का प्रभाव बढ़ेगा और वातावरण में नमी का प्रभाव भी है। जबकि पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी पहाड़ों से होकर गुजर रहा है। माना जा रहा है कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और गलन का असर मैदानी क्षेत्रों में पहुंचेगा।
मौसम विभाग ने 14 जनवरी के लिए भी यलो अलर्ट जारी किया है। मैदानी क्षेत्रों में गलन भरी पछुआ हवाओं का दौर दोबारा प्रभावी होने पर गलन और कोहरे का दौर भी शुरू हो सकता है। सैटेलाइट तस्वीरों में पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ों से होकर गुजरता नजर आ रहा है। जबकि दूसरे विक्षोभ का असर पहुंचने की ओर है। इस लिहाज से मकर संक्रांति के बाद से इस माह के आखिर तक गलन भरी हवाओं का रुख बना रह सकता है। इसकी वजह से दिन में खिली धूप भी गलन के प्रभाव में आ सकती है। जबकि ट्रेनों और विमानों का संचालन धूप खिलने पर बेहतर है।
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 23.4°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 8.8°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक रहा। सीजन में लंबे समय के बाद अधिकतम और न्यूनतम पारा सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है। जबकि आर्द्रता न्यूनतम 72% और अधिकतम 95% दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार आने वाले दिनों में गलन भरी हवाएं एक बार फिर से प्रभावी हो सकती हैं। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी आने की ओर है। |
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