राज्य ब्यूरो, लखनऊ। यूपी कॉप एप प्रदेश के लोगों के लिए डिजिटल पुलिस स्टेशन की तरह कार्य कर रहा है। इस एप से घर बैठे एफआईआर, चरित्र, किरायेदार, घरेलू सहायक, कर्मचारी सत्यापन सहित 27 सेवाएं सेवाओं का लाभ मिल रहा है। एप से चरित्र सत्यापन में लगभग छह दिन का समय लग रहा है।
जबकि पहले इसमें आठ दिन लगते थे। किराएदार सत्यापन में लगभग आठ दिन लग रहे हैं। जबकि पहले 24 से 25 दिन लगते थे। कर्मचारी सत्यापन भी पांच दिन में हो जा रहा है। जबकि पहले इसमें 13 दिन लगते थे।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक लोग एप को डाउनलोड कर चुके हैं। यह एप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इससे 2.1 करोड़ से ज्यादा एफआईआर डाउनलोड की जा चुकी हैं। 7.3 लाख से अधिक लोगाें ने खोए हुए सामानों की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
खास बात यह है कि आवेदन की स्थिति की तुरंत जानकारी भी इससे मिल रही है। लोकेशन ट्रैकिंग और इमरजेंसी में मदद के लिए \“एसओएस\“ बटन जैसी सुविधाओं को भी एप से जोड़ा गया है। नजदीकी पुलिस स्टेशन को मैप पर देखने की सुविधा भी दी गई है।
उन्होंने बताया कि शिकायत समीक्षा पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है। इससे पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है।
शिकायतकर्ताओं को भरोसा मिला है कि उनकी बात सुनी जा रही है। तकनीक से पुलिस में सेवा-प्रक्रियाओं का मानकीकरण किया जा रहा है। तकनीकी आधारित जनशिकायत निवारण से पुलिसिंग अधिक जनकेंद्रित और जवाबदेह बन रही है। |
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