अंश और अंशिका। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड की राजधानी रांची से लापता अंश और अंशिका की बरामदगी को लेकर अब जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी भी सक्रिय हो गई है और पूरे देश में सर्च अभियान शुरू किया गया है।
एडीजी (सीआईडी) मनोज कौशिक ने इस संबंध में सभी राज्यों के डीजीपी को पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्र के सभी थानों को अलर्ट करने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि अंश और अंशिका की तलाश के लिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए और संभावित ठिकानों पर सघन जांच की जाए।
यह पत्र करीब तीन दिन पहले भेजा गया था, जिसके बाद अब देशभर में बच्चों की खोज शुरू कर दी गई है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सीमावर्ती इलाकों, होटल, लाज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कई राज्यों की पुलिस को बच्चों की तस्वीरें और विवरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
रांची में जिला पुलिस और सीआईडी की टीमें संयुक्त रूप से जांच में जुट गई हैं। दोनों एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ तकनीकी साक्ष्यों, काल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और अपने-अपने नेटवर्क के माध्यम से सुराग जुटाने का प्रयास कर रही हैं।
सीआईडी के अधिकारी अपने गोपनीय सूत्रों को भी सक्रिय कर चुके हैं, ताकि किसी भी संभावित जानकारी को तुरंत साझा किया जा सके। एडीजी मनोज कौशिक ने बताया कि सीआईडी और रांची पुलिस के एक साथ काम करने से जांच को गति मिली है और उम्मीद है कि इससे अंश और अंशिका की बरामदगी में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है और किसी भी संभावित कड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
जल्द होगा रांची बंद का ऐलान
मौसीबाड़ी से लापता अंश-अंशिका के मामले में 10वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिलने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस बीच समिति के प्रतिनिधि कैलाश यादव ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द बच्चों की सकुशल बरामदगी नहीं करता है, तो संपूर्ण रांची बंद का आह्वान किया जाएगा।
कैलाश यादव ने आरोप लगाया कि हटिया डीएसपी और धुर्वा थाना प्रभारी द्वारा उन्हें शुक्रवार को सुबह 11 बजे घर से जबरन उठाकर धुर्वा थाना में घंटों डिटेन कर रखा गया। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे अनुचित बताया।
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में स्वयं हस्तक्षेप करने की अपील की है। कैलाश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री घरवालों के प्रति संवेदना व्यक्त करें और समिति के शिष्टमंडल से तुरंत वार्ता करें, ताकि बच्चों की सकुशल वापसी सुनिश्चित हो सके।
कैलाश यादव ने स्पष्ट किया कि यदि अंश-अंशिका को सुरक्षित वापस लाया जाता है, तो प्रशासन और पुलिस टीम को सम्मानित किया जाएगा, लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनाक्रोश और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने एचईसी नगरवासियों, दुकानदारों, समिति के सदस्यों और सभी समर्थकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
साथ ही उन्होंने घरवालों से मिलने वाले सभी राजनेताओं से आग्रह किया कि इस संवेदनशील मामले पर राजनीति न करें और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान करें। यादव ने कहा कि बच्चों के लापता होने के कारण पिछले 10 दिनों से परिजनों के घर चूल्हा तक नहीं जला है, ऐसे में संवेदना के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी आवश्यक है।
समिति की ओर से विशेष आग्रह किया गया है कि सभी जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के दुख में सहभागी बनें और अंश-अंशिका की सुरक्षित वापसी के लिए एकजुट होकर प्रयास करें।
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