मुठभेड़ स्थल पर पुलिस टीम।
संसू, जागरण-पिनाहट: चौमुखा देवी मंदिर के पुजारी की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। हत्यारोपित पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हो गया। जेल से छूटे आरोपित ने मुकदमे की पैरवी के लिए मंदिर में चोरी की। पुजारी के जागने पर अपने साथी के साथ सब्बल से हत्या कर दी।
शातिर दिमाग आरोपित ने विरोधियों को फंसाने के लिए पर्चे पर उनके नाम और लेनदेन का हिसाब लिख दिया। संदिग्धों से पूछताछ करते हुए पुलिस मुख्य आरोपित तक पहुंच गई। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने हत्या करना स्वीकार किया है। पुलिस उसके साथी की तलाश में जुटी है।
मुठभेड़ में हत्यारोपित पैर में गोली लगने से हुआ घायल
पिनाहट के गांव विप्रावली के पास चंबल के बीहड़ में स्थित चौमुखा देवी मंदिर के पुजारी 65 वर्षीय पातीराम कुशवाहा की 29 दिसंबर को हत्या कर दी गई थी। उनका शव मंदिर में बने कमरे में चारपाई पर पड़ा मिला था। मृतक के बेटै उमेश ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
संदिग्धों से पूछताछ व मुखबिरों से मिली जानकारी से पुलिस हत्यारोपित तक पहुंच गई। शनिवार रात क्योरी ऊपरी गांव के पास चंबल के बीहड़ में पुलिस ने मुठभेड़ में हत्यारोपित बच्चू उर्फ बच्चन सिंह निवासी गांव झरना पुरा, थाना बासौनी को गिरफ्तार कर लिया।
सब्बल से की थी हत्या, साथी की तलाश में जुटी पुलिस
आरोपित पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके पास तमंचा व दो पर्चे पुलिस ने बरामद किए हैं। डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि आरोपित बच्चन सिंह पूर्व में पुजारी के साथ मंदिर पर काम कर चुका है। अपहरण के मुकदमे में वह 21 दिसंबर को जेल से छूटा था। तारीख और खर्चे पूरे करने के लिए उसने चढ़ावा के रुपये चोरी करने की योजना बनाई। वह अपने साथी के साथ मंदिर आया। बक्शा खोलते समय पुजारी जाग गए और उन्होंने आरोपित को पहचान लिया। इसी के चलते लोहे के सब्बल से आरोपित ने पुजारी की हत्या कर दी।
पत्नी सीमा कुछ समय पहले आरोपित को छोड़कर चली गई थी
उन्होंने बताया कि आरोपित की पत्नी सीमा कुछ समय पहले आरोपित को छोड़कर चली गई थी। उसे शक था कि पड़ोसी गांव के कुछ लोगों के भड़काने पर पत्नी छोड़ गई हैं।बदला लेने के लिए उसने परमाल के भाई रेवती के बेटे रविकांत का अपहरण किया था। 28 जून 2025 को थाना बासौनी में बच्चन सिंह के खिलाफ अपहरण का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। 19 दिसंबर को वह जमानत पर जेल से रिहा हुआ था।
पुजारी की हत्या के बाद मुकदमे के वादी और गवाहों फंसाने के लिए आरोपित ने एक पर्चे पर लेनदेन का हिसाब लिखकर उनके नाम लिखे और पर्चे को शव के पास चारपाई पर पेंचकस से फंसाकर फरार हो गया। आरोपित को उम्मीद थी कि पुलिस लेनदेन के चलते पुजारी की हत्या के आरोप में सीमा देवी, उमा देवी, परमाल सिंह, उदयवीर, रेवती, सावित्री देवी, टैनू को जेल भेज देगी। इससे उसका बदला भी पूरा हो जाएगा। |
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