18,433 क्विंटल धान चूहे और कीट खा गए। (सांकेतिक तस्वीर)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा संग्रहण केंद्र में 18,433 क्विंटल धान चूहे और कीट खा गए। इसकी अनुमानित कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये है। वर्ष 2024-2025 में भंडारित धान के स्टॉक का मिलान करने पर यह कमी सामने आई। इस पर जब जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया गया तो उन्होंने इसके लिए चूहों, कीटों और धान सूखने को दोषी ठहराया।
इससे पूर्व कबीरधाम जिले के अलग-अलग दो संग्रहण केंद्रों में 26 हजार क्विंटल धान की कमी मिली थी। इसका आरोप भी चूहों और कीटों पर लगाया गया था, जिसकी कीमत लगभग आठ करोड़ रुपये थी। बागबाहरा संग्रहण केंद्र प्रभारी दीपेश पांडे का कहना है कि लगभग 10 माह तक धान संग्रहण में रहा, जिससे वह काफी सूख गया। वहीं बारिश, दीमक और चूहों से भी भारी नुकसान हुआ और धान का स्टॉक कम हो गया।
महासमुंद जिला विपणन अधिकारी आशुतोष कोसरिया ने बताया कि इस मामले में नोटिस जारी किया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि धान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा संग्रहण केंद्रों में मार्कफेड के कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। परिवहन भाड़ा, हमाली, भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, ताकि धान में किसी प्रकार की कमी न आए। इसके बाद भी प्रदेश में करोड़ों रुपये की धान शॉर्टेज का यह लगातार तीसरा मामला सामने आया है। |