जागरण संवाददाता, कानपुर। बिहार के बाद कानपुर में भी सराफा कारोबारी जल्द बड़ा फैसला ले सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो नकाब पहनकर आने वाले ग्राहकों को सोना चांदी नहीं बेचा जा सकेगा। अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद के फैसले को लेकर कानपुर के कारोबारी इस पर विचार कर सकते हैं।
सोने - चांदी की बढ़ती कीमत और लूट - पाट की घटनाओं को देखते हुए सराफा कारोबारियों ने अब नकाब और हेलमेट पहनकर आने वाले ग्राहकों के साथ कारोबार करने से मना कर दिया है। अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद की बैठक में आगरा, वाराणसी और प्रयागराज के कारोबारियों की मौजूदगी में यह एलान हुआ है। दूसरी ओर कानपुर सराफा कमेटी ने इसे अच्छा प्रस्ताव बताया लेकिन अभी तक अंतिम निर्णय नहीं किए जाने की बात कही है।
शास्त्री नगर स्थित केएस पैलेस गेस्ट हाउस में रविवार को सराफा व्यवसायी एवं सोनार समाज की बैठक हुई है। अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जायसवाल ने बताया कि बैठक में पूर्वांचल के दो महानगरों प्रयागराज और वाराणसी जबकि पश्चिम क्षेत्र से आगरा के सराफा व्यवसायी शामिल हुए हैं।
बैठक में तय किया गया कि नकाब ,हेलमेट या मास्क पहनकर आने वाले ग्राहकों के साथ ज्वैलर्स कोई भी कारोबार नहीं करेंगे। पहले उनका पहचान प्रमाण पत्र लेकर सत्यापित कराएंगे। इसके बाद ही किसी तरह का लेन-देन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तरह का फैसला बिहार राज्य में भी सराफा कारोबारी लागू कर चुके हैं। बैठक में प्रमुख रूप से अध्यक्ष पुष्पेंद्र जायसवाल, अविनाश सेठ,वेद गुप्ता ,अमित मिश्रा, राजन वर्मा, अजय वर्मा , मनोज वर्मा, शैलेंद्र वर्मा, विजय वर्मा, कालीचरण वर्मा उपस्थित रहे।
वहीं कानपुर सराफा कमेटी के संरक्षक राम किशोर मिश्रा ने बताया कि नकाब और हेलमेट पहन कर आने वालों को दुकान में प्रवेश नहीं दिए जाने का प्रस्ताव है लेकिन अभी तक कमेटी में इस पर कोई फैसला नहीं हो सका है। कानपुर में कई सराफा बाजार हैं । किसी बाजार ने लागू किया है तो जानकारी नहीं है। |