सफेद उल्लू के चूजों का वन विभाग ने रेस्क्यू किया।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। बालाघाट जिले के वारासिवनी में जगदम्बा वार्ड क्रमांक 12 में स्थित पुराने कच्चे मकान को तोड़ने के दौरान रविवार को उल्लू के चार चूजे मिले हैं। करीब 2-3 माह के इन चूजों को वन विभाग ने सुरक्षित स्थान पर लाकर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। इस दुर्लभ नज़ारे को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए।
मकान मालिक उपेंद्र बांगरे ने बताया कि उनका कच्चा मकान सौ साल पुराना हो गया और कवेलू वाला था। इसका नव निर्माण करना है, इसके लिए तोड़ रहे थे, तभी छत में उल्लू के ये चार चूजे नजर आए।
ये है खासियत
- वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अभय कोचर ने बताया कि इन्हें सफेद या खलिहानी उल्लू कहा जाता है।
- इनके चेहरे का आकार दिल जैसा होता है, आंखें और चोंच छोटी होती हैं।
- ये उल्लू चूहों का प्राकृतिक शिकार करते हैं, जिससे किसानों की फसलें सुरक्षित रहती हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि देश में जादूटोना और आवास नष्ट होने के कारण उल्लुओं की अधिकांश प्रजातियों का अस्तित्व संकट में है, इसलिए संरक्षण बेहद जरूरी है।
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वन विभाग की निगरानी में
वन परिक्षेत्र अधिकारी क्षत्रपाल सिंह जादौन ने बताया कि चारों उल्लू अब वन विभाग की निगरानी में हैं। डीएफओ नित्यानंदम एल के मार्गदर्शन में इनके खाने-पीने और देखभाल का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। आगामी दो-चार दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में इन चूजों को भोपाल या अन्य सुरक्षित स्थल पर स्थानांतरित करने की तैयारी की जाएगी। |