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जेल की दीवार फंसे कंबलों से बनी इसी रस्सी से भागे बंदी। जागरण, जेल में रविवार की रात नववर्ष के जश्न में गीत गाते जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद। स्रोत इंटरनेट मीडिया
सोहम प्रकाश, कन्नौज। UP Jail Break: यूपी में फिल्मी स्टाइल में बड़ा जेल कांड हो गया। जेल के अंदर पुलिस पार्टी कर रहे थे। कोई गाना गाने में व्यस्त तो कोई डांस करता। इसी का फायदा उठाते हुए दो कैदी फिल्मी स्टाइल में 22 फीट की दीवार फांदकर फरार हो गए। दोनों कैदी पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया। जेल अधीक्षक सहित छह पर कार्रवाई हुई। हालांकि यूपी जेल में लापरवाही का ये कोई नया मामला नहीं है। पढ़ें, ये पूरी रिपोर्ट....।
नए साल के जश्न में जेल प्रशासन के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी इतना डूब गए कि बंदी कहां हैं, उसकी भी चिंता नहीं रही। चार जनवरी की रात जेल में अधिकारियों के गीतों पर कर्मचारी झूमते हुए ठुमका लगा रहे थे। इस दौरान दो बंदी महिला बैरक के पास से कंबलों की रस्सी बनाकर करीब 22 फीट ऊंची दीवार से नीचे उतर कर फरार हो गए। सोमवार सुबह गिनती के समय दो बंदी कम मिलने पर अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों के होश उड़ गए। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की संस्तुति पर कारागार मुख्यालय से जेलर, डिप्टी जेलर और तीन जेल वार्डर को निलंबित कर दिया गया।
जश्न के बाद जेल परिसर में रखी खाली खाना की प्लेट। जागरण
भव्य आयोजन था कन्नौज जेल ( Kannauj Jail) में
कन्नौज कारागार में जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद की मौजूदगी में नववर्ष का जश्न चल रहा था। भव्य टेंट लगाया गया था। खाने-पीने का इंतजाम था। स्टेज पर संगीत यंत्रों के साथ गीतों की प्रस्तुति की जा रही थी। स्टेज पर महिलाएं भी मौजूद थी। जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद भी गाना गा रहे थे, तो सुरक्षा कर्मचारी झूमते हुए ठुमके लगा रहे थे।
जेल की दीवार फंसे कंबलों से बनी इसी रस्सी से भागे बंदी। जागरण
इस तरह हुए फरार
जश्न के बीच पाक्सो एक्ट में बंद ठठिया थाना के गांव मलगवां निवासी डिंपी उर्फ शिवा और आर्म्स एक्ट में जेल भेजे गए तालग्राम थाना के गांव हजरापुर निवासी अंकित ने कंबलों की रस्सी बना डाली। महिला बैरक के पास जाकर दोनों ने 22 फीट ऊंची दीवार से एक निकली सरिया में फंसा लिया। इसके बाद दोनों दीवार पर चढ़ गए और फिर रस्सी बाहरी छोर पर डालकर दोनों आसानी से फरार हो गए।
अगले दिन पता चला तब जेलर सहित इन पर कार्रवाई
पांच जनवरी की सुबह 10 बजे गिनती होने पर जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद को सिपाहियों ने बंदियों के भागने की जानकारी दी। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी विनोद कुमार मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी की। वहीं शाम करीब चार बजे डीआइजी प्रदीप गुप्ता जेल पहुंचे। डीआइजी ने बताया कि बड़ी लापरवाही सामने आई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिलाधिकारी ने बताया कि कारागार मुख्यालय लखनऊ से जेलर विनय प्रताप, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, जेल वार्डर शिवेंद्र सिंह यादव, अतुल मिश्रा और नवीन कुमार को निलंबित कर दिया।
कारागार मंत्री ने जेल अधीक्षक को फटकारा
नौ जनवरी को कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान और डीजी पीसी मीणा ने कारागार मुख्यालय लखनऊ में बैठक ली। इसमें जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद समेत प्रदेश की सभी जेलों के अधीक्षक पहुंचे। कारागार मंत्री ने नाराजगी जताते हुए जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जेल से बंदियों का पलायन करना बड़ी लापरवाही है।
जेल पहुंचे डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी विनोद कुमार। जागरण
85 बंदियों की बदली बैरक
जेल से फरार हुए अंकित और डिंपी, जो आपस में दोस्त हैं, के भागने के बाद जेल प्रशासन ने ऐसे बंदियों की सूची तैयार की है जिनके बीच आपसी संबंध हैं। इन 85 बंदियों की बैरक बदली गई है और उन्हें केवल रविवार को मिलने की अनुमति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जेल में रसोई, कृषि कार्य और सफाई में लगे बंदियों की ड्यूटी भी बदली गई है। समूह बनाकर बैठने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से समय-समय पर बंदियों की बैरक बदली जाती है।
अंकित और डिंपी में गहरी दोस्ती, तीन राज्यों में दबिश जारी
थाना तालग्राम के हजरापुर निवासी अंकित व थाना ठठिया के ग्राम मलगवां निवासी डिंपी उर्फ शिवा के बीच गहरी दोस्ती है। अंकित और डिंपी ने एक साथ गाजियाबाद और अंबाला में चोरियों को अंजाम दिया था। डिंपी करीब छह माह से पाक्सो एक्ट में जिला कारागार में था। वहीं, पुलिस ने अंकित को 23 दिसंबर 2025 को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया था। इससे दोनों दोस्तों की जेल में मुलाकात हो गई। पुलिस टीमें गाजियाबाद, पंजाब और हरियाणा में दबिश दे रही हैं। गुरुवार को एसओजी प्रभारी निरीक्षक जेपी शर्मा और ठठिया थाना प्रभारी देवेश कुमार ने मलगवां गांव में डिंपी के घर दबिश दी थी। ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने बताया कि फिलहाल डिंपी और उसके दोस्त अंकित के बारे में जानकारी नहीं है। करीब एक साल पूर्व अंकित मलगवां आया था और दो दिन तक डिंपी के घर ठहरा था।
सात दिन में सात टीमों ने 10 ठिकाने तलाशे, नतीजा शून्य
तलाश को लगाई गईं सात टीमों ने करीब दस अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे चुकी हैं, लेकिन नजीता शून्य रहा। पुलिस की टीमें हरियाणा, पंजाब और दिल्ली शहर व आसपास तक में दबिश दे रही हैं। दोनों बंदियों के गांव में भी सादा वर्दी में पुलिस छानबीन कर चुकी है।
जेल से भागे दोनों बंदियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित
दोनों बंदियों पर एसपी ने 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि प्रकरण की जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। अभी तक जेलर विनय प्रताप, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, जेल वार्डर शिवेंद्र सिंह यादव, अतुल मिश्रा व नवीन कुमार को निलंबित किया जा चुका है। कारागार मुख्यालय लखनऊ से मेरठ जेल में तैनात रहे जेलर अवनीश सिंह को जिला जेल का नया जेलर नियुक्त किया जा चुका है।
जश्न हुआ, टेंट कारोबारी को नहीं किया भुगतान
जिला जेल में जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद की मौजूदगी में रविवार की रात नव वर्ष का जश्न हुआ था। भव्य टेंट के साथ शानदार स्टेज बना था। जश्न के बाद टेंट कारोबारी को भुगतान नहीं किया गया है। पछायपुर्वा निवासी टेंट संचालक अन्नू का कहना है कि दो बंदी रक्षकों ने टेंट बुक किया था। इससे बर्तन और टेंट जेल में लगाया गया था। सोमवार की सुबह 50 हजार भुगतान करने को कहा गया था, लेकिन सुबह बंदियों के भागने के बाद अफरा-तफरी मच गई। जेल के चक्कर काटने के बाद भी कोई भुगतान नहीं कर रहा है।
जेल में बंद थे कैमरे, गेट से बंदियों के भागने की आशंका
जेल से जिस वक्त दोनों बंदी भागे उस समय बिजली नहीं थी और इसकी वजह से कैमरे बंद थे। अब आशंका है कि जेल 22 फीट ऊंची दीवार से न उतर कर मुख्य गेट से ही भागे थे। डीआइजी प्रदीप गुप्ता और एसपी विनोद कुमार इन सारे बिंदुओं की जांच कर रहे हैं। आशंका है कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी जश्न में डूबे थे और बिजली गुल होने पर दोनों बंदी मुख्य गेट से फरार हो गए। बंदियों को पहले से पता था कि बिजली जाने पर जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद हो जाते हैं। बाद में अपने बचाव के लिए जेल प्रशासन की ओर से ही कंबल की रस्सी के सहारे भागने की बात कही जा रही है। वहीं सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि जेल प्रशासन ने इन्वर्टर से कैमरों को नहीं जोड़ा था। जेल में बंदी रक्षकों और अधिकारियों के बीच गुटबाजी के चलते बंदियों की भगाने में मदद की चर्चा है। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि जेल प्रशासन ने बंदियों के बयान दर्ज कराए हैं। सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि इस दौरान बिजली नहीं आ रही थी। इससे कैमरे भी बंद हो गए थे।
दो बार कैदी-बंदियों के कब्जे में रही जेल
वर्ष 2010 में गुरसहायगंज कोतवाली के गांव अनौगी में जिला कारागार का शुभारंभ हुआ था। जेल शुरू होने के के दो साल बाद एक सितंबर 2012 को बंदी धर्मेंद्र यादव बंदी रक्षकों को चकमा देकर राशन लेकर पहुंचे भार वाहन में छिपकर फरार हो गया था। इसके बाद वर्ष 2013 में तत्कालीन जेल अधीक्षक का बंदियों से पैर दबाने का वीडियो प्रचलित हुआ था। वहीं, 19 अक्टूबर 2012 और 10 अगस्त 2013 में बंदियों के आत्महत्या करने पर जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए बंदियों ने बवाल कर दिया। बैरक तोड़कर छत पर चढ़कर बंदियों ने जेल को कब्जे में ले लिया था। कई बार बंदियों की गुटबाजी के कारण खूनी संघर्ष की घटनाएं हुई हैं। नवंबर 2025 में जेल अस्पताल से मरीजों की जांच करने वाली ईसीजी मशीन की चोर हो गई। तब जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जेल अधीक्षक भीमसैन मुकुंद को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक न जांच पूरी हुई और न ही मशीन का पता लगा। अप्रिय गतिविधियों के कारण जिला जेल 2012 से चर्चित रही है।
जेल में हुई घटनाओं पर एक नजर
तिथि घटना का विवरण
01 सितंबर 2012
बंदी धर्मेंद्र यादव बंदी रक्षकों को चकमा देकर जेल से फरार हुआ।
19 अक्टूबर 2012
अपहरण व हत्या के आरोप में बंद शिक्षक अमित सविता की आत्महत्या के बाद कैदियों ने हत्या का आरोप लगाकर बवाल किया।
10 अगस्त 2013
कमलेश कुमार का शव शौचालय में मिला। कैदियों ने 12 घंटे उपद्रव किया, जेल अधीक्षक पर हमला हुआ, 17 बंदियों ने भागने की कोशिश की।
26 फरवरी 2014
जेल में दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर मारपीट, आठ कैदी घायल हुए।
04 फरवरी 2015
हरिओम का बैरक में संदिग्ध हालत में शव मिला। कैदियों ने तोड़फोड़ कर 24 घंटे से अधिक बवाल किया और जेल अधीक्षक पर हमला किया।
23 मई 2021
तालग्राम थाना क्षेत्र के गढ़िया सहकरानी निवासी गजेंद्र की जेल शौचालय में संदिग्ध मौत हुई।
23 अगस्त 2021
तालग्राम थाना क्षेत्र के गढ़रियनपुरवा निवासी संग्राम ने जेल में आत्महत्या की।
01 मई 2022
दुष्कर्म मामले में बंद प्रखर की संदिग्ध मौत के बाद स्वजन ने जेल में हंगामा किया।
14 फरवरी 2025
प्रतापपुर निवासी सूरज ने फंदा लगाकर आत्महत्या की, स्वजन ने हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया।
जेल से फरार अंकित करता था छोटी-छोटी चोरियां
हाजिरपुर निवासी अंकित पुत्र प्रेमचंद्र के जेल से फरार होने की सूचना पर पुलिस उसकी तलाश में गांव पहुंची। स्वजन व ग्रामीणों से फरार आरोपित के बारे में जानकारी की। ग्रामीणों के अनुसार आरोपित अंकित शुरुआत में गांव में छोटी-छोटी चोरियां करता था। इसके बाद बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगा। ग्रामीणों ने प्रारंभिक दौर में इसकी शिकायत पुलिस से नहीं की थी। कानपुर देहात में एक लड़की को परेशान करने के जुर्म में जेल जा चुका है। लोगों ने बताया कि अंकित ने गांव में 50 से अधिक मोबाइल फोन चोरी किए हैं। इसके अलावा बाइकें भी चुराई हैं। ठठिया थाना क्षेत्र से उसने धान के पैकेट भी चोरी किए थे। आरोपित अंकित के खिलाफ कोतवाली छिबरामऊ में दो, थाना ठठिया में एक व कानपुर देहात में भी मुकदमे दर्ज हैं। उसका रहने का कोई निश्चित ठिकाना नहीं था। पिता प्रेमचंद्र मानसिक मंदित हैं। मां पहले ही घर छोड़कर जा चुकी है। परिवार की आजीविका के लिए गांव में खेती है। इसे बंटाई पर दिया गया है। कुछ दिन पहले प्रेमचंद्र ने खेत का बैनामा भी किया है। अंकित बैनामा में हस्ताक्षर करने तहसील गया था। तभी पुलिस ने उसे तमंचा सहित पकड़ लिया और आर्म्स एक्ट में जेल भेजा गया। थानाध्यक्ष ध्यानेद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ की गई। जानकारी मिली है कि अंकित ठठिया क्षेत्र में अपनी बहन के यहां रहता था। गांव में उसका मकान था। वह चाचा को पहले ही बेंच चुका है।
जेल से फरार अंकित को पुलिस ने चोरी की गई धान, तमंचा और लोडर के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद ही उसे जेल में भेजा गया था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सुबह करीब नौ बजे तक अंकित और डिंपी देखे गए थे। जेल में चल रहे कार्यक्रम के प्रचलित वीडियो किस दिन के हैं इसकी भी जांच कराई जा रही है।
विनोद कुमार, एसपी
विवरण संख्या
बंदी-कैदियों की कुल क्षमता
660
मौजूदा समय विचाराधीन बंदी
431
सजायफ्ता कैदी
78
महिला बंदी
12
बैरक
13
डिप्टी जेलर
04
बंदी रक्षक
35
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