ईरान में अशांति बढ़ी इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच हिंसा के आरोप (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में भी जारी हैं। कड़ी कार्रवाई, इंटरनेट बंदी और भारी संख्या में गिरफ्तारियों के बावजूद लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। चश्मदीदों ने सुरक्षा बलों पर गोली चलाने और अस्पतालों में शवों के ढेर लगे होने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
देशभर में फैला विरोध
चश्मदीदों के मुताबिक, ईरान के अलग-अलग शहरों में हिंसा देखी गई है। देश के सभी 31 प्रांतों में प्रदर्शन फैल चुके हैं। दो लोगों ने बताया कि राइफल से लैस सुरक्षा बलों ने कई प्रदर्शनकारियों को मार डाला, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने अस्पताल में शवों को एक-दूसरे के ऊपर रखे देखा।
अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, अब तक कम से कम 78 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इंटरनेट बंद
हालात को काबू में करने के लिए ईरानी अधिकारियों ने इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं। ईरान पिछले 60 घंटे से ज्यादा समय से लगभग पूरी तरह ऑफलाइन है, जिससे देश के अंदर की सही स्थिति जानना मुश्किल हो गया है। इस इंटरनेट ब्लैकआउट के चलते बाहरी दुनिया तक सूचनाएं बहुत सीमित रूप में पहुंच पा रही हैं।
अमेरिका को चेतावनी
इस बीच ईरान के संसद अध्यक्ष ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वॉशिंगटन ने सैन्य हस्तक्षेप किया, तो अमेरिकी सैन्य और व्यावसायिक ठिकानों को जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया जाएगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के लोगों की मदद के लिए तैयार है।
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