डिस्पेंसरी रोड निवासी परवेज पत्नी गजाला को लेकर आया था अस्पताल. Concept Photo
जागरण संवाददाता, देहरादून। दून मेडिकल कालेज अस्पताल की इमरजेंसी में पत्नी के टूटे हाथ को दो घंटे तक इलाज नहीं मिल पाया। पति हर एक काउंटर पर पूछता रहा और डाक्टर से शीघ्र मदद की गुहार लगाता रहा। जब कहीं से संतुष्ट जवाब नहीं मिला तो हार थककर वह चिल्लाने लगा। बाद में कर्मचारियों ने फोन कराया तो जब जाकर इलाज मिला।
डिस्पेंसरी रोड निवासी परवेज सुबह 10 बजे पत्नी गजाला को लेकर इमरजेंसी पहुंचा। उसने बताया कि बीते शुक्रवार को घर पर काम करते समय पत्नी का हाथ टूट गया था। काउंटर पर कर्मचारियों ने पर्चा काटने को कहा। बताया कि हड्डी वाला डाक्टर आएंगे तो वही इसे देख सकेंगे। इधर परवेज पुरानी बिल्डिंग से लेकर जगह जगह डाक्टरों को ढूंढने जाने लगा।
काउंटर पर भी बार बार पूछने लगा कि कब तक डाक्टर आएंगे। लेकिन 12 बजे तक जब किसी से संतुष्ट जवाब नहीं मिला तो वह अस्पताल प्रशासन को कोसने लगे। मामला को देखते हुए कर्मचारियों ने फोन किया तो डाक्टर इमरजेंसी पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डा. आरएस बिष्ट ने बताया कि घटना की जांच कराएंगे, इसके बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
बंद लिफ्ट में अभी नमी, दूसरी के लिए करना पड़ा इंतजार
देहरादून: अस्पताल के ओटी इमरजेंसी के बेसमेंट में पानी ज्यादा होने से लिफ्ट के डक में भरा पानी की नमी शनिवार को तीसरे दिन भी पूरी तरह नहीं सूखी। इसलिए इसे बंद ही रखा गया। वहीं, दूसरी लिफ्ट से आने जाने वाले मरीज, तीमारदार और डाक्टरों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा। बताया जा रहा है कि सोमवार तक पूरी सूखने के बाद ही लिफ्ट आमजन के लिए खुल जाएगी।
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