इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस योजना से आठ सौ करोड़ खर्च कर चुका विवि प्रशासन। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) इंस्टीट्यूट आफ एमिनेंस (आइओई) योजना के अवशेष करीब दो सौ करोड़ रुपये खर्च करने का रोडमैप तैयार कर चुका है। हालांकि, योजना से छात्र हित में बीते तीन वर्षों में कई कार्य कराए गए हैं, जिससे छात्र कल्याण और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा मिला है।
करीब आठ सौ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। शीघ्र ही 3,600 नई छात्रवृत्तियां शुरू करने की तैयारी है, यह कुल छात्रों में 10 प्रतिशत को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे के सभी छात्रों को 25 हजार की वित्तीय सहायता देने का लक्ष्य तय किया गया है। वैश्विक प्रदर्शन, वित्तीय सहायता और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बता दें कि नेतृत्व एवं कौशल के लिए लीडरशिप एंड लाइफ स्किल्स इनिशिएटिव के अलावा शैक्षणिक सहायता के लिए टीच फार बीएचयू से 125 पीएचडी छात्रों को लाभ मिला। एसआरके इंटर्नशिप के लिए 320 मास्टर्स छात्रों का चयन हुआ है। शोध और वैश्विक प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए पीएचडी छात्रों को विदेशी और राष्ट्रीय स्तर पर अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।
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15 पीएचडी छात्रों को विदेशी विश्वविद्यालयों में एक सेमेस्टर और 23 पीएचडी छात्रों को देश में ख्यात संस्थानों में एक सेमेस्टर बिताने का अवसर मिला है। करीब 203 छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए यात्रा सहायता प्रदान की गई। 53 छात्रों को सयाजी आर गायकवाड़ फैलोशिप प्रदान की गई है, इसके जरिए छात्रों को वित्तीय बाधाओं से मुक्त करने के लिए सहायता का दायरा बढ़ाया गया है।
स्टूडेंट वेलबीइंग इनिशिएटिव से मजबूत परामर्श प्रणाली स्थापित
300 नई छात्रवृत्तियां पहले शुरू कर दी गई, जिनमें प्रत्येक छात्र को 25,000 रुपये दिए गए हैं। छात्रों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए \“\“\“\“स्टूडेंट वेलबीइंग इनिशिएटिव\“\“\“\“ से मजबूत परामर्श प्रणाली स्थापित की गई है। 20 काउंसलर्स की नियुक्ति की गई, इसके अलावा पांच अनुभवी पेशेवर परामर्शदाता उपलब्ध हैं। |
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