वाणिज्य कर कार्यालय में लगी आग को बुझाते दमकलकर्मी। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राज्य कर भवन में लगी भीषण आग का केंद्र रिकार्ड रूम रहा, जहां वर्षों का विभागीय दस्तावेज संग्रहित था। दो तल वाले इस भवन में पहले तल पर अधिकारियों के कार्यालय संचालित होते हैं, जबकि दूसरे तल का उपयोग मुख्य रूप से रिकार्ड रूम और कुछ अधिकारियों के कार्यालय के तौर पर किया जाता था। आग की चपेट में सबसे पहले यही दूसरा तल आया, जहां रखी 239 अलमारियों में भरे रिकार्ड पूरी तरह जल गए।
बताया जा रहा है कि दूसरे तल पर बड़ी मात्रा में कागजी रिकार्ड होने के कारण आग तेजी से फैली। अलमारियों में रखी फाइलें, रजिस्टर और दस्तावेज अत्यधिक ज्वलनशील साबित हुए, जिससे कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया। इसी वजह से आग पर पूरी तरह काबू पाने और जले हुए मलबे को हटाने में करीब आठ घंटे का समय लगा।
अग्निशमन कर्मियों को न सिर्फ आग बुझाने, बल्कि लंबे समय तक कूलिंग और सफाई अभियान चलाना पड़ा। आग बुझने के बाद भी भीतर धुआं और सुलगते कागज मौजूद थे, जिससे बार-बार पानी का छिड़काव करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, यदि समय रहते आग को दूसरे तल तक सीमित नहीं किया जाता तो पहले तल पर स्थित अधिकारियों के कार्यालय भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
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आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे भवन की विद्युत वायरिंग पूरी तरह जल गई। स्विच बोर्ड, केबल और इलेक्ट्रिक पैनल तक क्षतिग्रस्त हो गए। इसी कारण जिस इलाके में राज्य कर कार्यालय भवन स्थित है, वहां रात के समय करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। एहतियातन बिजली काटी गई, ताकि शार्ट सर्किट और किसी अन्य दुर्घटना की आशंका न रहे।
बिजली गुल होने से आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात अचानक बिजली कटने और आग की लपटें दिखने से दहशत का माहौल बन गया था। |