आई कॉन्टैक्ट बेहतर बनाने के 5 असरदार तरीके (Image Source: AI-Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कल्पना कीजिए, आप किसी बहुत जरूरी मीटिंग में हैं या अपने किसी पसंदीदा इंसान से बात कर रहे हैं। आपके पास कहने के लिए शब्द तो बहुत हैं, लेकिन जैसे ही सामने वाले की नजरें आपकी नजरों से मिलती हैं, आपके आत्मविश्वास का गुब्बारा फुस्स हो जाता है। अचानक आपको जमीन के टाइल्स या दीवार पर लगी घड़ी, सामने वाले के चेहरे से ज्यादा दिलचस्प लगने लगती है।
अगर यह स्थिति आपको जानी-पहचानी लगती है, तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं। आंखों से आंखें मिलाना सिर्फ एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह बिना बोले सामने वाले का दिल जीतने और अपनी बात मनवाने का एक जादुई हुनर है। इसे सुधारना उतना ही आसान है जितना रोजाना शीशे के सामने मुस्कुराना।
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\“ट्रायंगल\“ तकनीक का इस्तेमाल
अगर किसी की आंखों में सीधे देखना आपको डरावना लगता है, तो इस ट्रिक को आजमाएं। सामने वाले की एक आंख, फिर दूसरी आंख और उसके बाद उसके होंठों या नाक के बीच के हिस्से पर नजर घुमाएं। एक काल्पनिक \“ट्रायंगल\“ जैसा महसूस करें। इससे सामने वाले को लगेगा कि आप उनसे जुड़ रहे हैं और आप पर भी दबाव कम होगा।
50/70 का गोल्डन रूल
जरूरी नहीं कि आप बात करते समय 100% समय उनकी आंखों में ही देखते रहें, क्योंकि यह \“घूरने\“ जैसा लग सकता है। नियम यह है कि बोलते समय 50% और सुनते समय 70% आई कॉन्टैक्ट बनाए रखें। इससे बातचीत स्वाभाविक लगती है और आपका आत्मविश्वास भी झलकता है।
आंखों का रंग पहचानने की कोशिश करें
जब आप किसी से पहली बार मिलें या बात शुरू करें, तो मन ही मन उनकी आंखों का रंग (जैसे- काला, भूरा या नीला) पहचानने की कोशिश करें। ऐसा करने के लिए आपको कुछ सेकंड तक उनकी आंखों में देखना होगा। यह छोटा-सा काम आपको बिना डरे आई कॉन्टैक्ट की शुरुआत करने में मदद करेगा।
जान-पहचान वालों के साथ करें प्रैक्टिस
सीधे किसी बड़े इंटरव्यू या अजनबी के सामने आई कॉन्टैक्ट करने की कोशिश न करें। पहले अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों या यहां तक कि पालतू जानवरों के साथ बात करते समय आंखों में देखने की प्रैक्टिस करें। जब आप अपनों के साथ सहज हो जाएंगे, तो बाहर के लोगों से बात करना आसान हो जाएगा।
धीरे-धीरे समय बढ़ाएं और ब्रेक लें
आई कॉन्टैक्ट का मतलब \“घूरना\“ नहीं है। अगर आपको असहज महसूस हो, तो 4-5 सेकंड के बाद अपनी नजरें धीरे से हटा लें (जैसे कुछ सोचते हुए ऊपर या साइड में देखें) और फिर वापस आई कॉन्टैक्ट करें। यह ब्रेक आपको रिलैक्स महसूस कराएगा।
आत्मविश्वास एक रात में नहीं आता। इसे रोजाना की बातचीत में थोड़ा-थोड़ा शामिल करें। याद रखें, आपकी आंखें आपकी बातों से ज्यादा प्रभावी हो सकती हैं।
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