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राज्य ब्यूरो, देहरादून। अंकिता भंडारी प्रकरण में सरकार ने पीड़िता के माता-पिता और जनता की अपेक्षा के अनुरूप वीआइपी के संबंध में सीबीआइ जांच का निर्णय लिया है।
बसंत बिहार थाने में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने प्रकरण में पूर्ण न्याय के लिए वीआइपी की जांच को लेकर एफआइआर दर्ज कराई है।
यही एफआइआर सीबीआइ जांच की संस्तुति करने का आधार बनी है। इसी के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने शासन को प्रकरण की सीबीआइ जांच संबंधी पत्रावली भेज दी है।
अंकिता भंडारी प्रकरण में कुछ समय पूर्व इंटरनेट मीडिया में वीआइपी संबंधी आडियो क्लिप प्रसारित हुई। देखते ही देखते वर्ष 2022 में हुए अंकिता भंडारी प्रकरण ने पूरे प्रदेश को अपने आगोश में ले लिया। अंकिता के माता-पिता ने भी इस प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सीबीआइ जांच की मांग की थी।
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उन्होंने मुख्यमंत्री से वीआइपी को लेकर स्थिति स्पष्ट करने संबंध में पुष्ट जांच कराने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने अंकिता के माता-पिता की भावनाओं के अनुरूप प्रकरण की सीबीआइ जांच कराने का आश्वासन दिया था। इस पर निर्णय लिया भी गया। सरकार ने विधिक प्रक्रिया भी शुरू की।
इसी बीच बसंत बिहार थाने में पद्मभूषण डा अनिल प्रकाश जोशी ने एफआइआर दर्ज कराई। अब इसी एफआइआर को आधार बनाते हुए पुलिस ने वीआइपी के संबंध में सीबीआइ जांच कराने संबंधी पत्रावली तैयार की है। जिसे शासन को भेज दिया गया है। इसके आधार पर सीबीआइ की संस्तुति कराने की कवायद चल रही है। |
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