ताऊ के बेटे ने 11 साल की बहन से किया दुष्कर्म। सांकेतिक फोटो
जागरण संवाददाता, करनाल। चचेरी बहन से दुष्कर्म करने वाले ताऊ के लड़के को पोक्सो की फास्ट ट्रैक कोर्ट अतिरिक्त सेशन जज गुनीत अरोड़ा ने सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपित को 20 साल की सजा है और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बता दें नाबालिग गर्भवती भी हो गई थी और उसका गर्भपात भी कराया गया। जिला न्यायवादी डा. पंकज सैनी ने बताया कि इस मामले की पैरवी उप न्यायवादी अमन कौशिक ने की थी।
अमन कौशिक ने बताया कि असंध के थाना में 10 अगस्त 2020 को एक महिला ने शिकायत दी थी कि उसके तीन बच्चे हैं, दो लड़कियां और एक लड़का। उसकी सबसे छोटी बेटी 11 साल की है, जो कई दिनों से परेशान चल रही थी। उसने कई बार बेटी से पूछता क्या हुआ लेकिन बेटी ने कुछ नहीं बताया।
इसके बाद उसकी बेटी की तबीयत बिगड़ी और वह बोली कि उसके पेट में दर्द हो रहा है। वह असंध शहर में एक डाक्टर के पास गई और बेटी का चेकअप कराया। इस दौरान डाक्टर ने उसकी बेटी का अल्ट्रासाउंड किया तो पता चला कि वह गर्भवती है।
इसके बाद उसने दोबारा बेटी से प्यार से पूछा तो उसने बताया कि आरोपित दीपक उसके साथ गलत काम किया है। दो से तीन महीने पहले वह पशु बाड़े में ऊपर बने कमरे में टीवी देख रही थी तो आरोपित दीपक ने जबरदस्ती उसके साथ गलत काम किया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद भी उसने कई बार उसके साथ गलत काम किया।
भ्रूण और आरोपित का सैंपल हुआ था मैच, 15 लोगों ने दी गवाही
उप न्यायवादी अमन कौशिक ने बताया कि नाबालिग करीब ढाई महीने की गर्भवती थी तो हाई कोर्ट के आदेश पर नाबालिग का गर्भपात कराया गया था और भ्रूण के सैंपल लिए और आरोपित के भी सैंपल लिए गए। जो मैच हो गए। जिससे साबित हुआ कि वह भ्रूण आरोपित का था। इससे अलग इस मामले में 15 लोगों ने गवाही भी दी। उसकी के आधार पर जज ने आरोपित को सजा सुनाई है। फिलहाल आरोपित जेल में है। |
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