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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए पीएम मोदी। (फोटो- X- @narendramodi)
राज्य ब्यूरो, गीर सोमनाथ। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम को गीर सोमनाथ पहुंचे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एवं उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने हेलीपेड पर उनकी अगुआनी की। मोदी हेलीपेड से रोड शो करते हुए सोमनाथ मंदिर पहुंचे। हजारों की संख्या में जुटे नगरवासियों ने रोड शो के दौरान उनका भव्य स्वागत किया।
मोदी मंदिर परिसर में आयोजित ओमकार मंत्रोच्चार में शामिल हुए और उन्होंने सोमनाथ का इतिहास बताने वाला ड्रोन शो भी देखा। लगभग 3,000 ड्रोन का इस्तेमाल मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को पुन: प्रस्तुत करने के लिए किया गया। मोदी रविवार को यहां होने वाली शौर्य यात्रा में शामिल होंगे। सोमवार को वह जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव का उद्घाटन करेंगे। दोनों साबरमती आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे तथा गांधीनगर में एक द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।
अपने जोरदार स्वागत से अभिभूत मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया- \“\“सोमनाथ में आकर खुद को खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूं, जोकि हमारी सभ्यता के साहस का एक गर्व करने वाला प्रतीक है। यह विजिट सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हो रही है, जब पूरा देश 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के एक हजार साल पूरे होने के मौके पर एक साथ आया है। गर्मजोशी से स्वागत के लिए लोगों का शुक्रगुजार हूं।\“\“
बता दें कि सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उन अनगिनत भारतीय नागरिकों को याद करने के लिए आयोजित किया जा रहा है जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया, जो भविष्य की पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता है। भारत के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ का भारत की ऐतिहासिक संस्कृति में सर्वोच्च स्थान है।
वर्ष 2026 में महमूद गजनवी द्वारा 1026 में सोमनाथ पर किए गए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे हो जाएंगे। आज, एक हजार वर्ष बाद भी सोमनाथ मंदिर पूरी शान के साथ अडिग खड़ा है। संयोग से 2026 में ही सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के भी 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। 11 मई 1951 को इस भव्य मंदिर का पुनर्निर्माण संपन्न हुआ था और यह दोबारा भक्तों के लिए खोला गया था।
रविवार सुबह मोदी गीर सोमनाथ में शौर्य यात्रा में शामिल होंगे। इस यात्रा में सोमनाथ मंदिर की रक्षा करने वाले वीर योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसमें साधु-संतों के साथ 108 अश्व भी होंगे। इसके बाद वह सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना व दर्शन करेंगे तथा समारोह को संबोधित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राजकोट एक ट्रेड शो व प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। वह दोपहर में मारवाड़ी विश्वविद्यालय में वाईब्रेंट गुजरात कान्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे तथा उद्योगपतियों से मिलेंगे।
12 जनवरी को प्रधानमंत्री जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से अहमदाबाद में मुलाकात करेंगे। दोनों नेता साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में शामिल होंगे तथा गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में भारत-जर्मनी द्विपक्षीय वार्ता में शामिल होंगे। इसमें भारत-जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी की ढाई दशक में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
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