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भारतीय रेल ने बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के किराया ढांचे को अंतिम रूप दे दिया है।
जागरण संवाददाता, रांची। भारतीय रेल ने बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के किराया ढांचे को अंतिम रूप दे दिया है। यह राजधानी एक्सप्रेस के किराया के आसपास ही है। हालांकि वंदे भारत राजधानी से कम समय में ही मंजिल तक पहुंचा दे रही है।
रेलवे बोर्ड के अनुसार वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के लिए न्यूनतम चार्जेबल दूरी 400 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इससे कम दूरी की यात्रा करने पर भी यात्रियों को 400 किलोमीटर के अनुरूप पूरा किराया देना होगा।
किराया ढांचे के तहत 400 किलोमीटर तक की यात्रा पर फर्स्ट एसी का किराया 1520 रुपये, सेकंड एसी का 1240 रुपये और थर्ड एसी का 960 रुपये तय किया गया है।
इसी तरह 1000 किलोमीटर तक की दूरी के लिए फर्स्ट एसी में 3800 रुपये, सेकंड एसी में 3100 रुपये और थर्ड एसी में 2400 रुपये किराया देना होगा।
वहीं 1300 किलोमीटर तक की यात्रा पर फर्स्ट एसी का किराया 4940 रुपये, सेकंड एसी का 4030 रुपये और थर्ड एसी का 3120 रुपये निर्धारित किया गया है।
वंदे भारत में रांची से नई दिल्ली का किराया फर्स्ट एसी में 4735, सेकेंड एसी में 3862 तथा थर्ड एसी में 2990 रुपये लगेगा। वहीं राजधानी में यह किराया फर्स्ट, सेकेंड एवं थर्ड एसी में क्रमशः 4800, 4000 तथा 2960 रुपये है।
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में केवल कंफर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। इसमें आरएसी, वेटिंग लिस्ट या आंशिक रूप से कंफर्म टिकट की कोई व्यवस्था नहीं होगी।
सभी उपलब्ध बर्थ एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले ही दिन से बुकिंग के लिए खोल दी जाएंगी। यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं, बेहतर आराम और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था के साथ देशभर में चलाई जाएगी।
आरक्षण व्यवस्था के तहत इस ट्रेन में केवल लेडीज कोटा, दिव्यांगजन कोटा, वरिष्ठ नागरिक कोटा और ड्यूटी पास कोटा ही लागू होगा। इसके अलावा किसी अन्य आरक्षण कोटे की अनुमति नहीं दी गई है।
रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में रियायती टिकट या मुफ्त अथवा गैर-प्रतिपूर्ति योग्य पास मान्य नहीं होंगे। हालांकि रेलवे कर्मचारियों के लिए ड्यूटी पास की सुविधा राजधानी ट्रेनों के समान बनी रहेगी।
टिकट रद होने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर रिफंड प्रक्रिया शुरू करने के लिए डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। विंडो टिकट के मामलों में भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष यात्रियों तथा 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों को उपलब्धता के आधार पर निचली बर्थ देने का प्रयास किया जाएगा।
बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को भी संभव होने पर निचली बर्थ आवंटित की जाएगी। रेलवे बोर्ड ने क्रिस को इन सभी प्रावधानों के अनुरूप साफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी जोनल रेलवे को संबंधित कर्मचारियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
पुरी को लेकर हो रही लंबे दिनों से मांग
रांची से पुरी के लिए स्लीपर ट्रेनों के परिचालन के लिए कई दिनों से मांग हो रही है। इस संबंध में खुद रक्षा राज्य मंत्री रेल मंत्री से मिलकर इस मांग को रख चुके हैं। |
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