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तेजस्वी यादव के साथ लालू प्रसाद। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार सरकार पर फिजूलखर्ची और खजाने की लूट का आरोप लगाया है।
शनिवार को संयुक्त प्रेस-वार्ता में पार्टी की बिहार इकाई के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव कहा कि खजाने की लूट और फिजूलखर्ची के कारण ही बिहार पर तीन लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है।
राज्य का प्रत्येक व्यक्ति औसतन 25 हजार का कर्जदार है। चुनावी लाभ के लिए महिलाओं को दस-दस हजार रुपये दिए गए। उसकी अगली कड़ी में दो लाख रुपये दिए जाने का वादा है।
मुख्यमंत्री रोजगार योजना पर भी उठाए सवाल
अमल हेतु 2.70 लाख करोड़ रुपये चाहिए। वेतन में ही 1.05 लाख करोड़ जा रहे। दोनों मद मिलाकर 3.75 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जबकि बिहार का कुल बजट तीन लाख करोड़ रुपये का ही है।
ऐसे में खजाने की वास्तविक स्थिति से नागरिकों को अवगत कराने के लिए सरकार श्वेत-पत्र जारी करे। प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, अरुण कुमार यादव, प्रमोद कुमार सिन्हा, मधु मंजरी व अति-पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता उपेन्द्र चंद्रवंशी ने भी मीडिया को संबोधित किया।
500 करोड़ खर्च करने की क्या जरूरत
शक्ति ने कहा कि दिल्ली में अवस्थित 32 वर्ष पुराना बिहार निवास इसलिए तोड़ा जा रहा, क्योंकि उसे तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने बनवाया और उनके नाम का शिलापट्ट लिखा है।
वह भवन अभी मजबूत ओर सुंदर है, फिर भी उसे तोड़कर 500 करोड़ से नया भवन बनाया जा रहा। यह फिजूलखर्ची और खजाने की लूट का उदाहरण है।
बिहार निवास 1994 में बना था। बिहार भवन 90 वर्ष पुराना है। नीतीश कुमार का बनवाया हुआ बिहार सदन तो माचिस के डिब्बी की तरह है। प्रश्न यह कि बिहार में एजुकेशन हब का निर्माण क्यों नहीं हो रहा, जिसकी सर्वाधिक आवश्यकता है। |
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