शकरकंद खाने से सेहत को मिलेंगे ये शानदार फायदे (Picture Credit - Canva)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब बात हेल्दी और टेस्टी खाने की आती है, तो शकरकंद हर डाइट में स्टार बन जाता है, जिसे स्वीट पोटेटो के नाम से भी जाना जाता है। यह सिर्फ एक सिंपल सब्जी नहीं, बल्कि कई हेल्थ प्रॉब्लम का हल भी है। अगर आप सोच रहे हैं कि कौन इसे रोज खाए?, तो जान लीजिए कि शकरकंद कुछ लोगों के लिए सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए वरदान भी है।
दिल के मरीज
शकरकंद में पोटैशियम और एंटी इन्फ्लेमेटरी भरपूर होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है और दिल को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद हाई फाइबर दिल की बीमारी के खतरों को कम करने में भी मदद करता है, खासकर जब इसे अन्य हाई फाइबर वाले डाइट के साथ मिलाकर खाया जाए।
गट हेल्थ वाले के लिए अच्छा
शकरकंद में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट आंतों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इसके अलावा, शकरकंद आपके आंतों के माइक्रोबायोम में हेल्दी मात्रा में बैक्टीरिया बनाए रखने में मदद करता है, जिससे गट हेल्थ बेहतर होती है और कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है।
डायबिटीज के मरीज
शकरकंद में पाए जाने वाले एंथोसायनिन के कारण इसका डार्क पर्पल कलर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और हेल्दी गट माइक्रोबायोम को बनाए रखने के लिए अच्छा ऑप्शन है। डायबिटीज के मरीज शकरकंद को आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
कमजोर विजन वाले लोग
शकरकंद में मौजूद बीटा-कैरोटीन के कारण इसका कलर ब्राइट ऑरेंज होता है। जब आप इस एंटीऑक्सीडेंट को खाते हैं, तो यह विटामिन ए में बदल जाता है, जो आपकी आंखों की रोशनी को प्रोटेक्ट करने में मदद करता है। आप भी अपनी डेली डाइट में शकरकंद को जरूर शामिल करें।
ब्रेन फंक्शन में सुधार
अगर आप डेली डाइट में शकरकंद को शामिल करते हैं, तो इससे ब्रेन फंक्शन में सुधार हो सकता है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन सूजन को कम करता है और मेमोरी को बेहतर बनाने का काम करता है।
कमजोर इम्युनिटी वाले लोग
शकरकंद बीटा कैरोटीन के सबसे बेहतरीन स्रोतों में से एक है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को इसे जरूर खाना चाहिए। यह आंतों की हेल्थ के लिए अच्छा होता है और शरीर को वायरल इन्फेक्शन से बचने में भी मदद करता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। |
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