सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। शहर के विकास को नई रफ्तार देने वाले कई निर्णयों पर शुक्रवार को मुहर लग गई। मंडलायुक्त संगीता सिंह की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में हुई अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) की बोर्ड की 89वीं बैठक में दो आधुनिक कॉम्प्लेक्स, 10 हजार आवास, ग्रेटर अलीगढ़ योजना, ट्रांसपोर्ट नगर, पीपीपी माडल से निर्माण, सस्ते मकान की नई नीति व कई प्रशासनिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
यह सभी निर्णय सीधे तौर पर शहर के हर वर्ग से जुड़े हुए हैं। अगले कुछ दिनों में यह जमीन पर उतरते हुए दिखाई देंगे। अधिकतर काम पीपीपी मॉडल के तौर पर पूरे किए जाएंगे।
नगर निगम व अन्य बिल्डरों के साथ मिलकर पीपीपी मॉडल पर विकास करेगा एडीए
बोर्ड बैठक में साफ संदेश दिखाई दिया कि एडीए आने वाले वर्षों में नगर निगम, निजी बिल्डरों व अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बड़े पैमाने पर निर्माण कराएगा। इससे न केवल आवास की कमी दूर होगी, बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा। इसमें सबसे महत्वपूर्ण दो बड़े बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स हैं। पहला कॉम्प्लेक्स जमालपुर में नगर निगम की करीब 3000 वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा। इसे पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक शापिंग कॉम्प्लेक्स के साथ पार्किंग, जरूरी सुविधाएं व व्यवस्थित बाजार विकसित किया जाएगा। इसका सीधा फायदा व्यापारियों व उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा।
बरौला जाफराबाद में भी आवासीय व व्यावसायिक भवनों का किया जाएगा निर्माण
दूसरा कॉम्प्लेक्स खैर रोड पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (आरएमपीएसयू) के सामने प्रस्तावित है। यह क्षेत्र ग्रेटर अलीगढ़ के नजदीक होने के कारण भविष्य में प्रमुख हब के रूप में उभरेगा। यहां कॉम्प्लेक्स के साथ छात्रावास (हॉस्टल) भी बनाया जाएगा। करीब 20 कमरों वाले हॉस्टल व 50 दुकानों वाले कॉम्प्लेक्स से छात्रों, दुकानदारों व निवेशकों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही एडीए ने शहर में आवास की बढ़ती जरूरत को देखते हुए बड़े पैमाने पर आवास निर्माण का फैसला किया है।
खैर रोड पर ग्रेटर अलीगढ़ के भू उपयोग परिर्वतन पर लगी मुहर, अन्य कई प्रस्ताव पास
छेरत सुढ़ियाल क्षेत्र में जरूरतमंद परिवारों के लिए करीब 8000 आवास बनाए जाएंगे। इनमें ईडब्ल्यूएस, एलआइजी व एमआइजी श्रेणी के मकान शामिल होंगे। इसके अलावा स्वर्ण जयंती नगर में बहुमंजिला फ्लैटों का निर्माण होगा। यहां पहले से मौजूद आवंटियों को ध्यान में रखते हुए 200 फ्लैट आरक्षित रखे जाएंगे। इनमें से 170 फ्लैट पुराने आवंटियों के लिए होंगे। किशनपुर क्षेत्र में भी करीब 990 वर्ग मीटर भूमि पर 16 नए फ्लैट बनाने को मंजूरी दी गई है।
उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने सभी का आभा जताया। इस मौके पर डीएम संजीव रंजन, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा, बोर्ड सदस्य पूनम बजाज, हेमंत राजपूत, सचिव दीपाली भार्गव, ओएसडी शाल्वी अग्रवाल, अधिशासी अभियंता आरके सिंह, एटीपी प्रीती सागर, सहायक अभियंता अनिल कुमार सिंह, मनोज शर्मा, यासीन खान समेत अन्य मौजूद रहे।
बरौला जाफराबाद में आवासीय व व्यावसायिक विकास
बरौला जाफराबाद में एडीए की करीब ढाई हेक्टेयर भूमि पर बड़े पैमाने पर आवासीय व व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा। इस जमीन के पुनर्ग्रहण पर एडीए पहले ही करीब 32 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। अब इसे पीपीपी माडल पर विकसित किया जाएगा। यहां आवास के साथ दुकानों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण होगा। इस परियोजना से करीब 90 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है, जबकि निजी एजेंसी से करीब 10 करोड़ रुपये मानचित्र शुल्क के रूप में लिए जाएंगे।
ग्रेटर अलीगढ़ योजना को मिली हरी झंडी
लंबे समय से भू-उपयोग परिवर्तन के कारण अटकी ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय योजना को भी बोर्ड से बड़ी राहत मिली है। खैर रोड स्थित सात गांवों में फैली 323 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस योजना का भू-उपयोग अब तक जिला व्यापारिक केंद्र, लघु उद्योग व क्षेत्रीय पार्क के रूप में दर्ज था। इसी वजह से योजना की लांचिंग नहीं हो पा रही थी। अब बोर्ड ने इसे आवासीय भू-उपयोग में बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। क्षेत्रीय पार्क के लिए अलग से भूमि आरक्षित की गई है। अब यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में ग्रेटर अलीगढ़ की औपचारिक लांचिंग हो जाएगी। इससे शहर के विस्तार को नई दिशा मिलेगी। लोगों का भूखंड खरीदने का इंतजार भी खत्म होगा।
सस्ते आवास का रास्ता साफ
बोर्ड बैठक में आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन–2025 को भी मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही नई आवासीय योजनाओं में प्लाट व मकान सस्ते दामों पर उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है। अब संपत्तियों की कीमत अनुमान के बजाय वास्तविक लागत के आधार पर तय की जाएगी। अब तक कंटीन्जेंसी व ओवरहेड चार्ज के नाम पर 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि जोड़ी जाती थी। इसे घटाकर अधिकतम 16 प्रतिशत कर दिया गया है।
ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए यह चार्ज 14 प्रतिशत व एलआइजी के लिए 15 प्रतिशत तय किया गया है। इससे मध्यम वर्ग व गरीब वर्ग के लिए घर खरीदना पहले से कहीं आसान होगा। सशस्त्र बलों के जवानों को भुगतान पर विशेष छूट, अलोकप्रिय संपत्तियों की कीमतों में 25 प्रतिशत तक कटौती व न बिकने वाली संपत्तियों को दोबारा नीलामी में लगाने जैसे प्रावधानों से रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता आएगी। मंडलायुक्त ने अधीनस्थों को नई योजनाओं में ही इसके लाभ के निर्देश दिए।
ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों का उपयोग बदलेगा
खैर रोड पर 85 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहे ट्रांसपोर्ट नगर में करीब 33 भूखंड अब तक खाली पड़े हैं। कई बार नीलामी के बावजूद केवल छह भूखंड ही बिक सके थे। इसका कारण इन भूखंडों का सीमित उपयोग होना था। अब बोर्ड ने इन भूखंडों के उपयोग परिवर्तन को मंजूरी दे दी है। इस पर जल्द ही विज्ञप्ति जारी कर दावे व आपत्तियां मांगी जाएंगी। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि ट्रांसपोर्ट नगर का संचालन जल्द से जल्द शुरू किया जाए। इससे यह योजना अपने उद्देश्य को पूरा कर सके।
इन प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति
- किशनपुर के गाटा संख्या 290 से जुड़े नौ आवंटियों को न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण साढ़े चार करोड़ रुपये की राशि ढाई प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने को मंजूरी दी गई।
- एडीए में प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट (पीआइयू) के मानदेय पर नियुक्ति व सेवानिवृत्त अभियंताओं, आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी
- एडीए के लिए सात सीटर मारुति सुजुकी वाहन की खरीद पर स्वीकृति।
- रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की सिक्योरिटी राशि का पुनरीक्षण। इसमें राशि को दोगुना कर दिया गया है।
- विकास शुल्क निर्धारण एवं संग्रहण नियमावली–2025 को भी अंगीकृत किया गया।
कोटेदारों के लिए अन्नपूर्णा दुकानें
शहर में राशन कोटेदारों के लिए अन्नपूर्णा दुकानों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। पहले चरण में 12 स्थानों का चयन किया गया है। ये दुकानें नगर निगम की भूमि पर पार्किंग सुविधा के साथ बनाई जाएंगी। एडीए इनका निर्माण पीपीपी मॉडल पर निजी एजेंसियों के सहयोग से करेगा। |
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