संरक्षण केंद्र में हाथी।
संवाद सूत्र, फरह। सर्दी का असर इंसान ही नहीं, जानवरों पर भी होता है। इसी सोच के साथ संरक्षण केंद्र में संरक्षित भालू और हाथियों को सर्दी से बचाने के लिए विशेष व्यंजन खिलाए जा रहे हैं। हाथियों को तो हैलोजन की रोशनी से गर्मी दी जा रही है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह संस्थापक सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि भालू संरक्षण केंद्र में संरक्षित भालुओं को सर्दी से बचाने के लिए विशेष आहार दिए जा रहे हैं।
दिया जा रहा हल्दी, अदरक, लहसुन, काला नमक, अजवाइन जैसे गर्म मसाले का मिश्रण
बाजरा और रागी से बना गर्म दलिया परोसा जाता है, जिसमें गुड़ और उबले अंडे भी मिलाए जाते हैं। मुरमुरे, गुड़ और मूंगफली से तैयार विशेष सामग्री भी भालुओं को खिलाई जा रही है। आराम करने के स्थानों पर भूसा और धान की पुआल बिछाई गई है। बूढ़े भालुओं को ठंडी हवा से बचाने के लिए तिरपाल का भी इंतजाम किया गया है।
बूढ़े भालुओं को ठंडी हवा से बचाने के लिए तिरपाल का भी इंतजाम किया
वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु चिकित्सा सेवाओं के उपनिदेशक डॉ. एस इलयाराजा ने बताया कि चुरमुरा संरक्षण केंद्र में संरक्षित हाथियों को सर्दी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हाथियों को भोजन में हल्दी, अदरक, लहसुन, काला नमक, अजवाइन जैसे गर्म मसाले का मिश्रण दिया जा रहा है, जिसमें गुड़ और घी मिलाया जाता है, इससे हाथियों को ऊर्जा मिलती है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराम एमवी ने बताया कि दोनों ही संरक्षण केंद्रों में संरक्षित हाथी और भालुओं को सर्दी से बचने के लिए व्यापक और बेहतर इंतजाम किए गए हैं। |