मद्रास हाई कोर्ट ने अधिकारियों को अवमानना की चेतावनी दी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने तमिलनाडु के सीनियर अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर वे तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी विवाद में कोर्ट के पिछले आदेशों को लागू न करने का उचित कारण नहीं बताते हैं, तो 2 फरवरी को उनके खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए जाएंगे।
जस्टिस जीआर स्वामीनाथन, जो कोर्ट के 1 दिसंबर के आदेश से जुड़े अवमानना याचिकाओं की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता को पहाड़ी पर खंभे पर कार्तिकई दीपम जलाने की अनुमति दी गई थी, ने रिकॉर्ड किया कि बार-बार मौके दिए जाने के बावजूद अधिकारियों ने आदेश का पालन न करने का संतोषजनक कारण नहीं बताया है।
कौन हैं आरोपी अधिकारी?
मदुरै जिला कलेक्टर केजे प्रवीणकुमार, शहर पुलिस कमिश्नर जे लोगनाथन, पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) एजी इनिगो दिव्यन, और सहायक कमिश्नर एस शशिप्रिया कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
तत्कालीन डीजीपी डेविडसन देवसीरवाथम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। मंदिर के कार्यकारी अधिकारी यज्ञ नारायणन भी मौजूद थे।
क्या है पूरा मामला?
कोर्ट ने 1 दिसंबर को याचिकाकर्ता को पहाड़ी पर खंभे पर कार्तिकई दीपम जलाने की अनुमति दी थी, लेकिन अधिकारियों ने आदेश का पालन नहीं किया।
कोर्ट ने कहा कि बार-बार मौके दिए जाने के बावजूद, अधिकारियों ने आदेश का पालन न करने का संतोषजनक कारण नहीं बताया है।
कोर्ट की चेतावनी
जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने कहा, \“जब तक उचित कारण नहीं बताया जाता, 2 फरवरी 2026 को अवमानना करने वालों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे।\“
कोर्ट ने यह भी कहा कि न्यायिक आदेश को नाकाम करने के लिए एक रोक लगाने वाला आदेश पास किया गया जिसे बाद में कोर्ट ने रद कर दिया था। |