deltin33 • The day before yesterday 22:56 • views 917
दिल्ली विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा सदन में प्रदूषण पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चला। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष ने पूर्व की आप सरकार को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया, वहीं विपक्ष में बैठे आम आदमी पार्टी के विधायकों ने भी प्रदूषण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरा।
चर्चा के दौरान गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आप सरकार के कार्यकाल में 23 करोड़ की लागत से कनाट प्लेस में स्माग टावर लगाया गया था जो असफल होने के कारण बंद हो गया। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा 22 करोड़ की लागत से आनंद विहार में लगाया गया स्माग टावर अभी भी चल रहा है। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत कर दावा किया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार प्रदूषण का स्तर कम हुआ है।
उपराज्यपाल ने 15 दिन पहले प्रदूषण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था जिसका आजतक जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, पिछली सरकार ने फेम योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा दी गई बसों का श्रेय लेकर उस पर फोटो लगाई थी। पिछली सरकार ई वाहनों को 43 करोड़ रुपये की सब्सिडी नहीं दी।
प्रदूषण पर चर्चा शुरू करते हुए पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली में प्रदूषण के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य से लेकर वर्तमान सरकार की कार्ययोजना तक का तथ्यात्मक विवरण सदन के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1984–85 में एम.सी. मेहता बनाम भारत सरकार मामले से लेकर सुप्रीम कोर्ट के सीएनजी आदेश, औद्योगिक रिलोकेशन और वाहन प्रदूषण मानकों तक कई निर्णायक फैसले लिए गए, लेकिन 2014 के बाद दिल्ली की स्थिति लगातार बदतर होती गई।
उधर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने भी चर्चा के दौरान आप सरकार के प्रदूषण पर किए कामों को विधानसभा में गिनाते हुए कहा कि भाजपा सरकार अगर आप सरकार के काम ही आगे बढ़ा लें तो दिल्ली में प्रदूषण कम हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को गाली देने से दिल्ली का प्रदूषण खत्म नहीं होगा, बल्कि गंभीरता से सही काम करना होगा। कहा कि 2016 में दिल्ली में अच्छे दिनों की संख्या महज 109 थी, जिसे केजरीवाल की सरकार ने मेहनत करके 209 दिनों तक पहुंचाया। |
|