प्रतीकात्मक फोटो।
संवाद सूत्र, सरसावा। देहरादून-पंचकूला हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा पर टोल कर्मचारियों द्वारा किसानों को डरा-धमका कर उनकी ट्रैक्टर ट्राली से टोल फीस की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। नायब तहसीलदार के साथ गश्त कर रहे लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने टोल प्लाजा के ठेकेदार और मैनेजर के साथ ही दो कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर शुक्रवार देर शाम पुलिस ने कोर्ट में पेश किया।
शनिवार को नायब तहसीलदार सदर संजय कुमार और लेखपाल आकाश कुमार ने बताया कि बीती गुरुवार की रात वे हाईवे पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान वे टोल बैरियर पर पहुंचे तो वहां पर कुछ किसान इकट्ठा होकर टोल प्लाजा कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए हंगामा कर रहे थे।
क्या बोले नायब तहसीलदार?
नायब तहसीलदार ने बताया कि मौके पर दो कर्मचारी अक्षय पुत्र राजपाल निवासी जुडडी नकुड़ व सागर पुत्र दिनेश निवासी गदरहेडी वहां पर किसानों की ट्रैक्टर ट्राली से लेकर 130 रुपये प्रति ट्रैक्टर की रसीद काट रहे थे। जबकि यह अवैध है क्योंकि नेशनल हाईवे रूल्स 2008 में ट्रैक्टर को टोल प्लाजा फीस से मुक्त किया गया है। पूछताछ के दौरान दोनों कर्मचारियों ने नायब तहसीलदार को बताया कि यह रसीद उन्हें टोल मैनेजर कालू राम राणावत व ठेकेदार कमलजीत द्वारा दी गई है तथा उनके आदेश पर वे रसीद काट रहे थे।
किसान फैसल, राहुल, बिलाल, उस्मान, सुनील और दानिश आदि की शिकायत पर नायब तहसीलदार संजय कुमार ने क्षेत्रीय लेखपाल सदर रामप्रसाद गुप्ता को मामले में मुकदमा दर्ज करान के निर्देश दिए। लेखपाल राम प्रसाद गुप्ता की तहरीर पर व राजस्व विभाग के अधिकारियों की इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए सरसावा थाना पुलिस ने टोल मैनेजर कालू राम राणावत, ठेकेदार कमलजीत व कर्मचारी अक्षय व सागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया तथा मेडिकल कराकर न्यायालय के समक्ष पेश किया। कर्मचारियों के कब्जे से एक रसीद बुक तथा कुछ कटी रसीद आदि बरामद की गई।
उधर जैसे की ठेकेदार कमलजीत के समर्थकों को गिरफ्तारी की खबर मिली तो उन्होंने इकट्ठा होकर पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया तथा इसे राजनीति से प्रेरित बताया। ठेकेदार कमलजीत ने भी इसे राजनीति से प्रेरित बताते कहा कि वह आगामी जिला पंचायत के चुनाव में दावेदारी कर रहा है। |
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