राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर की नियुक्ति के लिए सेवा प्रदाता फर्म के चयन में शिथिलता और विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर हरदोई के जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत को निलंबित कर दिया गया है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के आदेश पर अपर मुख्य सचिव वेकेंटेश्वर लू ने रमाकांत के निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं। उप निदेशक जे राम इस मामले की जांच करेंगे।
राज्य मंत्री ने बताया कि हरदोई के चठिया और कछौना में चल रहे जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में 14 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और दो इलेक्ट्रीशियन/प्लंबर को श्रम संविदा के आधार पर तैनात किया जाना था। इनकी आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल से सेवा प्रदाता फर्म का चयन किया जाना था।
जांच में पाया गया कि सेवा प्रदाता फर्म के चयन की प्रक्रिया में शिथिलता बरती गई। आमंत्रित निविदा की फाइल करीब दो महीने देरी से तैयार की गई। उसमें पात्र और अपात्र फर्मों की गलत जानकारी देकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया।
इसके अलावा गरीबी उन्मूलन के लिए चल रही जीरो पावर्टी योजना के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र पाए गए 1,219 परिवारों के सापेक्ष महज 116 परिवारों के आवेदन ही पोर्टल पर दर्ज पाए गए। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की प्रगति रिपोर्ट में चयनित ग्रामों के सापेक्ष सभी जरूरी सर्वे फार्म समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए।
जनसमस्याओं के समाधान के लिए आयोजित समाधान दिवस के संचालन में भी उदासीनता और लापरवाही बरती गई थी। इन सब मामलों में लापरवाही पाए जाने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को निलंबित किया गया है। |
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