बासी आंटे की रोटी का क्या होता है असर? (Image Source: Freepik)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में रसोई घर को माता अन्नपूर्णा का स्थान माना गया है। अक्सर समय बचाने के लिए लोग रात का बचा हुआ आंटा फ्रिज में रख देते हैं या फिर एक दिन पहले ही आंटे को गूंथ कर फ्रिज में रख लेते हैं। इसके बाद अगले दिन उसकी रोटियां बनाते हैं। लेकिन, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, बासी आंटे का इस्तेमाल घर की सुख-शांति और सेहत के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। यही नहीं, अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको कंगाली ने धीरे-धीरे घेर लिया है।
जानें बासी आंटे की रोटी का क्या होता है आपकी जिंदगी पर असर:
1. ग्रहों पर नकारात्मक प्रभाव (राहु और शनि)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब आंटे में पानी मिलाकर उसे गूंथ लिया जाता है और वह काफी देर तक रखा रहता है, तो
उसमें राहु का प्रभाव बढ़ने लगता है। ताजी रोटी का संबंध सूर्य और मंगल से होता है, जो शरीर को ऊर्जा और तेज देते हैं। माना जाता है कि बासी आंटे की रोटी तामसिक हो जाती है, जो शनि और राहु के नकारात्मक दोषों को आमंत्रित करती है। इससे व्यक्ति के स्वभाव में चिड़चिड़ापन और आलस्य बढ़ता है।
2. पूर्वजों और नकारात्मक ऊर्जा का वास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गूंथा हुआ बासी आंटा एक \“पिंड\“ के समान माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा आटा घर में नकारात्मक ऊर्जा और अतृप्त आत्माओं को आकर्षित करता है। यही कारण है कि शास्त्रों में रात का बचा हुआ आटा इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे घर में बीमारियां और कलह का माहौल बन सकता है।
3. मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य
वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से बासी आटे की रोटी भारी मानी गई है। इसे खाने से व्यक्ति को क्रोध अधिक आता है और उसकी निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। तामसिक भोजन होने के कारण यह एकाग्रता को खत्म करता है और मानसिक तनाव का कारण बनता है।
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4. अन्नपूर्णा का अपमान
रसोई में रखा बासी आंटा माता अन्नपूर्णा के अपमान के तौर पर देखा जाता है। माना जाता है कि जिस घर में ताजे भोजन की जगह बासी आटे का उपयोग होता है, वहां बरकत रुक जाती है और आर्थिक तंगी (दरिद्रता) आने लगती है।
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