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सिख गुरुओं के अपमान के मामले में आतिशी की मुश्किलें बढ़ी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सिख गुरुओं के कथित अपमान पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक आतिशी घिरती जा रही हैं। दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान उनकी कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय के घेराव के बीच सिख संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
NAD ने की कड़ी निंदा
नेशनल अकाली दल ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दिल्ली विधानसभा से उनकी विस सदस्यता रद करने की मांग की है। अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने गुरुओं गुरु पर दिए गए उनके बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनके इस दुस्साहस से सिख समाज में काफी रोष है।
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आतिशी द्वारा दिया गया बयान सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है, जिसे सिख कौम कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म की रक्षा के लिए दिल्ली में बलिदान दी थी।
पद से इस्तीफा दें आतिशी - परमजीत सिंह पम्मा
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता द्वारा गुरु साहिब के प्रति अत्यंत अपमानजनक शब्दावली का प्रयोग करना जहां दुर्भाग्यपूर्ण है, वहीं यह आम आदमी पार्टी की सोच का भी प्रतीक है। परमजीत सिंह पम्मा ने कहा इसके लिए आतिशी को जल्द ही सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए और अपने पद से त्यागपत्र दें।
पम्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अन्यथा नेशनल अकाली दल उनका तीव्र विरोध करेगा। पम्मा ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से निवेदन किया है कि आतिशी की सदस्य रद कर देनी चाहिए।
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा बड़े दुख की बात है आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे पर चुप बैठे हुए हैं। उनकी यह चुप्पी पूरी पार्टी को भारी पड़ने वाली है।
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