डिजिटल डेस्क, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिहार को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर और रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प अब धरातल पर उतरता दिख रहा है। नई सरकार ने राज्य को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (बियाडा) प्लग एंड प्ले मॉडल पर उद्योगों को बढ़ावा दे रही है।
इस मॉडल के तहत निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए पहले से तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा। यानी जमीन, बिजली, पानी, सड़क, शेड, वेयरहाउस और जरूरी अनुमतियां, सब कुछ एक ही जगह और एक ही प्लेटफॉर्म पर। इससे निवेशकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे और बिना समय गंवाए वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।
20 नई फैक्ट्रियों को मिली मंजूरी
इसी दिशा में राज्य सरकार की प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमिटी ने हाल ही में 20 नई औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। इन फैक्ट्रियों के स्थापित होने से राज्य में करीब 1187 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे अप्रत्यक्ष रूप से भी हजारों लोगों को काम मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सभी जिलों में औद्योगिक विस्तार
सरकार की योजना केवल चुनिंदा शहरों तक सीमित नहीं है। प्लग एंड प्ले मॉडल के तहत बिहार के सभी 38 जिलों में आईटी, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, जनरल मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों की स्थापना की जा रही है।
इसके लिए कुल 9.637 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिस पर लगभग 125.39 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलेगा और उन्हें काम की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
पांच साल में दिखेगा बड़ा बदलाव
राज्य सरकार का दावा है कि इस नीति के प्रभाव से आने वाले पांच वर्षों में बिहार एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा। उद्योगों के बढ़ने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य के राजस्व में भी इजाफा होगा और स्थानीय कारोबार को नया बाजार मिलेगा।
निवेशकों के लिए आकर्षक पैकेज
विधानसभा चुनाव के दौरान नीतीश कुमार ने निवेशकों को विशेष सहायता देने का जो वादा किया था, उसे सरकार ने सत्ता संभालते ही लागू करना शुरू कर दिया है।
नए मास्टर प्लान के तहत कैपिटल सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी और जीएसटी रिफंड की राशि को दोगुना करने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सभी जिलों में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी दर पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को मुफ्त में जमीन अधिग्रहण की सुविधा भी दी जा रही है।
निवेश के लिए तैयार बिहार
सरकार का स्पष्ट संदेश है, \“बिहार में फैक्ट्री लगाइए, सब रेडी मिलेगा।\“ आसान नीतियां, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और आकर्षक प्रोत्साहन योजनाओं के साथ बिहार अब देश के टॉप इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में खुद को स्थापित करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। |