सिरदर्द में ये बदलाव दिखें तो हो जाएं सतर्क, ब्रेन ट्यूमर का हो सकता है खतरा (Image Source: AI-Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम अक्सर सिरदर्द को एक मामूली समस्या मानकर छोड़ देते हैं। स्ट्रेस, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन या आंखों पर जोर पड़ना इसके सामान्य कारण हो सकते हैं, लेकिन अगर आपको लगातार सिरदर्द हो रहा है, यह बार-बार लौटकर आता है या समय के साथ और भी बदतर होता जा रहा है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
डॉ. गौरव बत्रा (न्यूरोसर्जन - ब्रेन एंड स्पाइन मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली) बताते हैं कि ज्यादातर मामलों में सिरदर्द सामान्य कारणों से होता है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में यह किसी बड़ी खतरे की घंटी भी हो सकता है, जैसे कि ब्रेन ट्यूमर। आइए, विस्तार से जानते हैं इसके बारे में।
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ब्रेन ट्यूमर के कारण होने वाला सिरदर्द कैसा होता है?
जब मस्तिष्क में ट्यूमर बनता है, तो वह खोपड़ी के भीतर दबाव बढ़ा सकता है या आसपास के ब्रेन टिश्यू को परेशान कर सकता है। इस दबाव के कारण होने वाला सिरदर्द सामान्य सिरदर्द से काफी अलग होता है। इसके कुछ खास लक्षण इस प्रकार हैं:
- यह सिरदर्द अक्सर सुबह के समय बहुत तेज होता है।
- खांसने, झुकने या जोर लगाने पर दर्द बढ़ जाता है।
- आमतौर पर, पेनकिलर्स से इसमें ज्यादा राहत नहीं मिलती है।
इन लक्षणों पर रखें नजर
ब्रेन ट्यूमर से जुड़ा सिरदर्द आमतौर पर अकेला नहीं आता, इसके साथ कुछ और लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। अगर सिरदर्द के साथ आपको नीचे दी गई समस्याएं महसूस हों, तो सतर्क हो जाएं:
- लगातार जी मचलाना या उल्टी आना
- धुंधला दिखाई देना या दो-दो चीजें दिखाई देना
- दौरे पड़ना
- याददाश्त में समस्या या व्यवहार में बदलाव
- हाथों या पैरों में कमजोरी महसूस होना
ध्यान रहे, अगर आपके सिरदर्द के पैटर्न, तीव्रता या बार-बार होने की फ्रीक्वेंसी में अचानक बदलाव आए, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
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डॉक्टर के पास कब जाएं?
अगर आपको नया, बहुत तेज या लंबे समय तक चलने वाला सिरदर्द है जो आपके रोजमर्रा के काम में बाधा डाल रहा है, तो इंतजार न करें। अगर सिरदर्द के साथ न्यूरोलॉजिकल लक्षण जैसे- उलझन, बोलने में कठिनाई या संतुलन बनाने में दिक्कत- महसूस हों, तो तुरंत मेडिकल हेल्प लेना बेहद जरूरी है।
क्यों जरूरी है शुरुआती जांच?
हालांकि, ब्रेन ट्यूमर होना दुर्लभ है, लेकिन इसकी शुरुआती पहचान मरीज के इलाज के परिणाम को काफी हद तक सुधार सकती है। MRI या CT स्कैन जैसे डायग्नोस्टिक टूल्स लगातार हो रहे सिरदर्द के असली कारण का पता लगाने में मदद करते हैं। समय पर इलाज शुरू होने से कॉम्प्लिकेशन को कम किया जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
कब हो सकती है चिंता की बात?
डॉक्टर की मानें, तो आपको विशेष रूप से तब चिंता करनी चाहिए जब:
- लक्षण लगातार बढ़ रहे हों
- एक साथ कई लक्षण दिखाई दे रहे हों
- अचानक से न्यूरोलॉजिकल कमियां (जैसे कमजोरी या बोलने में दिक्कत) आ जाएं
- दौरे पड़ना शुरू हो जाएं
हर सिरदर्द का मतलब ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन अगर दर्द असामान्य है या बार-बार हो रहा है, तो इसे अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। अपने शरीर के संकेतों को समझें और लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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