जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिला की डिस्ट्रक्ट इन्वेसि्टगेशन यूनिट (डीआईयू) ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के नकली ब्रांडेड कपड़े बनाने वाली एक फेक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने टोडापुर इलाके में अवैध रूप से चल रही एक गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और गोदाम में छापेमारी करके काफी मात्रा में ब्रांडेड कपड़े बरामद किए हैं। बरामद कपड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेविस, ज़ारा और यूएसपीए के नकली कपड़े बड़े पैमाने पर बनाए और स्टोर किए जा रहे थे।
1919 नकली ब्रांडेड शर्ट बरामद
डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि केल्विन क्लेन, ज़ारा, टॉमी हिलफिगर, लेविस और यूएसपीए जैसे प्रसिद्ध ब्रांडों के अधिकृत प्रतिनिधियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पश्चिमी दिल्ली में उनके ब्रांड के नाम का गलत इस्तेमाल कर नकली कपड़े बेचे जा रहे हैं। ट्रेडमार्क और कॉपीराइट दस्तावेजों की गहन जांच के बाद, ट्रेडमार्क रजिस्ट्रार से अनिवार्य राय प्राप्त की गई।
इसके बाद एसीपी विजय सिंह और इंस्पेक्टर डीआईयू के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने 7 जनवरी को टोडापुर स्थित एक परिसर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 1919 नकली ब्रांडेड शर्ट बरामद कीं।
बरामद किए गए कपड़ों में जारा के 1,050 नकली शर्ट, यूएसपीए के 650 नकली शर्ट, लेविस के 213 नकली शर्ट के साथ ही प्रत्येक ब्रांड की 2-2 सैंपल शर्ट हैं। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री के संचालक राजीव नागपाल को गिरफ्तार किया है, जो रोहिणी सेक्टर-3 का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपित इन नकली कपड़ों को असली ब्रांडेड बताकर बाजार में खपाने की योजना बना रहा था।
कपड़े तैयार करने के लिए कच्चा माल कहां से लाता था?
डीसीपी ने बताया कि आरोपित के खिलाफ थाना इंद्रपुरी में ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 की धारा 103/104 और कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63/65 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गोरखधंधे में आरोपित के और कौन कौन सहयोगी हैं।
इसके साथ ही नकली ब्रांडेड कपड़े तैयार करने के लिए कच्चा माल कहां से लाता था और दिल्ली के किन-किन बाजारों में इन नकली कपड़ों की सप्लाई की जा रही थी कितने समय से आरोपित इस फैक्ट्री का संचालन कर रहा था। पुलिस इनकी पहचान करने के साथ ही उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। |